रायपुर | छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सख्ती लगातार जारी है। इसी कड़ी में ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार आधारित राशन वितरण की जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर रायपुर जिले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर दो उचित मूल्य दुकानों का संचालन अधिकार समाप्त कर दिया गया, जबकि एक दुकान संचालक पर अर्थदंड लगाया गया है।
राज्य में वर्तमान में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए ही राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि खाद्यान्न केवल वास्तविक और पात्र हितग्राहियों तक ही पहुंचे। इस व्यवस्था की प्रभावशीलता जांचने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय द्वारा अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई है, जो लगातार उचित मूल्य दुकानों की मॉनिटरिंग और निरीक्षण कर रही है।
निरीक्षण के दौरान वितरण प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण और आधार प्रमाणीकरण की गहन जांच की गई। जांच में कुछ दुकानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिन्हें देखते हुए प्रशासन ने कठोर कदम उठाने में कोई ढिलाई नहीं बरती।
खाद्य नियंत्रक, जिला रायपुर द्वारा
आईडी क्रमांक 441001314 – “मां भगवती खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सहकारी समिति, बैरन बाजार”
आईडी क्रमांक 441001256 – “श्री जय शीतला काली खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, बढ़ईपारा”
का दुकान संचालन अधिकार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर इन्हें अन्य उचित मूल्य दुकानों में संलग्न कर दिया गया है।
वहीं,
आईडी क्रमांक 441001148 – “दूधाधारी महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार, महामाया मंदिर वार्ड क्रमांक-62”
में अनियमितता पाए जाने पर ₹7,000 का अर्थदंड लगाया गया है और कड़ी चेतावनी दी गई है।
इस संबंध में खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने साफ शब्दों में कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 के तहत दोषी दुकानों और संचालकों पर कड़ी एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



