रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों मुगलों के इतिहास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बाद अब पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बयान ने भी सियासी पारा चढ़ा दिया है। दोनों कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों को लेकर भाजपा ने तीखा हमला बोला है।
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सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा-
“प्रियांक खड़गे और स्टालिन सनातनियों को गालियां दे चुके हैं। टीएस सिंहदेव सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ को गुमराह करते रहे। स्वास्थ्य मंत्री रहते वैक्सीन का विरोध किया और खुद चुपके से लगवा ली। अब पश्चिम बंगाल में मुगल नाम वाली मस्जिद का समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि-
“रतनपुर, डोंगरगढ़ और कूदरगढ़ के मंदिर ट्रस्टों का हिसाब कौन देगा? ये लोग संतों के विरोध में बोल रहे हैं। छत्तीसगढ़ की जनता इन्हें अच्छी तरह जानती है और माफ नहीं करेगी।”
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा—
“कांग्रेस न हिंदुत्व का हितैषी है, न अल्पसंख्यकों का भरोसेमंद। वोट बैंक खिसक रहा है, इसलिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। कांग्रेस अब किसी के साथ नहीं है।”
टीएस सिंहदेव के बयान से विवाद शुरू
टीएस सिंहदेव ने कहा था कि-
“शुरुआत में मुगलों की संख्या बहुत कम थी। वे धर्म परिवर्तन करवाने की स्थिति में नहीं थे। इतिहास में ऐसे प्रमाण नहीं मिलते कि हिंदुओं पर उन्होंने कोई संगठित दमन किया हो। हिंदू सभ्यता प्राचीन है और सबको साथ लेकर चलने की परंपरा रही है। सरगुजा रियासत में भी उस दौर में हिंदू सुरक्षित थे।”
सिंहदेव ने सम्राट अशोक और गौतम बुद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने किसी पर धर्म थोपने की नीति नहीं अपनाई।



