रायपुर । छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित नई रेलवे लाइन परियोजना को लेकर सर्वे कार्य में तेजी आ गई है। इसी सिलसिले में रेलवे अधिकारियों की टीम जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़, खैरताल और गंगाजल गांवों में पहुंची और प्रारंभिक सर्वेक्षण किया।
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राज्य बजट में पहले ही इस रेलवे कॉरिडोर को मंजूरी दी जा चुकी है। छत्तीसगढ़ रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CRCL) द्वारा किए गए प्राथमिक सर्वे के आधार पर इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
नया रायपुर से दुर्ग–बलौदाबाजार होते हुए खरसिया तक नया कॉरिडोर
प्रस्तावित रेलवे लाइन पूरी तरह नई होगी और मौजूदा रेल मार्गों से अलग रहेगी। यह लाइन नया रायपुर को एक ओर दुर्ग से और दूसरी ओर बलौदाबाजार होते हुए खरसिया से जोड़ेगी।
इस रेल लाइन की विशेषता यह है कि यह ऐसे इलाकों से गुजरेगी जहाँ अब तक रेलवे का कोई नेटवर्क नहीं था, जिससे दूरस्थ कस्बे पहली बार ट्रेनों से जुड़ पाएंगे।
बिलासपुर रूट को बायपास किया जाएगा
रेलवे की रिपोर्ट के अनुसार, यह कॉरिडोर बिलासपुर से होकर नहीं गुजरेगा, बल्कि एक स्वतंत्र मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे यात्रियों की यात्रा समय में कमी और माल ढुलाई में सुगमता आने की संभावना जताई जा रही है।
4900 करोड़ की लागत, 266 किलोमीटर लंबी लाइन
- कुल लंबाई: करीब 266 किमी
- अनुमानित लागत: लगभग ₹4900 करोड़
लक्ष्य: 4 वर्ष में निर्माण पूरा करने का प्रयास
इस परियोजना से 100 से अधिक गांवों और कस्बों को सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्र में औद्योगिक विकास, रोजगार और बाजार तक पहुँच में सुधार होने की उम्मीद है।
बलौदाबाजार सहित कई क्षेत्र को पहली बार रेलवे सुविधा
नई लाइन के शुरू होने से बलौदाबाजार, नवागढ़, खरसिया समेत आसपास के इलाकों को पहली बार यात्री एवं मालगाड़ी सेवा मिल सकेगी, जिससे इन क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास को रफ्तार मिलने की संभावना है।



