रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लेकर दुर्ग तक आने वाला मेट्रो नेटवर्क राज्य के शहरी परिवहन का नया युग शुरू करेगा। सरकार ने राजधानी और आसपास के शहरों—रायपुर, दुर्ग, भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर—को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
DPR के लिए 5 करोड़ का बजट
मेट्रो परियोजना के सर्वे और डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने 5 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया है। राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक-2025 के पारित होने के बाद SCR परियोजना को नई गति मिली है।
यह भी पढ़े :- Humayun Kabir का ममता बनर्जी को खुला चैलेंज, नई पार्टी बनाकर बड़ा ऐलान
सरकार इस योजना को राज्य के विकास का नया ग्रोथ इंजन मान रही है। परियोजना के तहत योजनाबद्ध शहरी विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक नागरिक सुविधाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।
अरुण साव बोले—छत्तीसगढ़ में मेट्रो युग शुरू
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि मेट्रो परियोजना अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन यह राजधानी क्षेत्र के यातायात और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने बताया कि भारत विश्व में मेट्रो नेटवर्क के मामले में तीसरे स्थान पर है और छत्तीसगढ़ भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर SCR की अवधारणा को अमल में लाया गया है, जिसका उद्देश्य ट्रांसपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और नागरिक सुविधाओं को नई ऊंचाई देना है।
2031 तक 50 लाख से ज्यादा आबादी का अनुमान
सरकार के अनुसार, 2031 तक राजधानी क्षेत्र की आबादी 50 लाख से अधिक हो सकती है। बढ़ती आबादी और तेजी से शहरीकरण को देखते हुए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। यह दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसी शहरी परियोजनाओं की तर्ज पर काम करेगा।
- SCR प्राधिकरण और वित्तीय प्रावधान
- DPR निर्माण और सर्वे के लिए 5 करोड़ रुपए का बजट
- SCR कार्यालय स्थापना और कार्यकारी समिति का गठन
प्रमुख अधिकारी: नगर एवं ग्राम निवेश, नगरीय प्रशासन, पर्यावरण, वित्त विभाग के अधिकारी और SCR क्षेत्र के जिलों के कलेक्टर
राजधानी क्षेत्र विकास निधि का निर्माण और अवसंरचना परियोजनाओं के लिए विशेष उपकर लगाने का अधिकार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे अध्यक्ष, इसमें मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव, विधायक और निर्वाचित जनप्रतिनिधि शामिल
मेट्रो सेवा से होगा लाभ
- सड़क यातायात का दबाव कम
- तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा
राजधानी क्षेत्र के शहरों में योजनाबद्ध और पर्यावरण के अनुकूल विकास



