बस्तर। बस्तर विकासखंड के बकावंड क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में सरकारी धन की खुली लूट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि पंचायत सचिव और सरपंच मिलकर बिना कोई कार्य कराए फर्जी फर्मों के नाम पर भुगतान दिखाकर लाखों रुपये का गबन कर रहे हैं। ऐसा ही एक बड़ा मामला ग्राम पंचायत जुनवानी और तुंगापाल से सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, इन पंचायतों में सचिव द्वारा अपने ही भाई के नाम पर फर्जी फर्म तैयार कर पंचायत के धन की निकासी की जा रही है। आरोप है कि हैंडपंप मरम्मत, पाइपलाइन मरम्मत, मुरुम बिछाई, कैसिंग पाइप और राइजिंग पाइप खरीदी जैसे कार्यों के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर लाखों रुपये निकाले जा चुके हैं।
मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि हैंडपंप मरम्मत के नाम पर मां दंतेश्वरी कृषि केंद्र के संचालक अनुराग झा को 45 हजार 800 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कृषि केंद्र संचालक खाद, बीज और कीटनाशक का व्यवसाय करता है, ऐसे में हैंडपंप मरम्मत करना उसके कार्यक्षेत्र में ही नहीं आता।
ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत सचिव ने अपने भाई पारस नाथ पटेल के नाम से फर्जी बिल बुक छपवा रखी है, जिसके जरिए मरम्मत और सामग्री खरीदी के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर शासकीय राशि की निकासी की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित हैंडपंप की कभी मरम्मत ही नहीं कराई गई, फिर भी इस मद में भुगतान दिखा दिया गया।

फर्जी बिल, वाउचर और भुगतान से जुड़े दस्तावेज गबन के सबूत के रूप में सामने आए हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामला उजागर होने के बाद पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।



