रायपुर। नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस ने बिलासपुर, दुर्ग समेत पूरे छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दुर्ग में कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के घेराव के लिए निकले, जहां उन्होंने पुलिस द्वारा लगाई गई दो बैरिकेडिंग तोड़ दी और कार्यालय के पास पहुंच गए। प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, अरुण वोरा सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।
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नेशनल हेराल्ड मामले की पृष्ठभूमि में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा वर्ष 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में दायर याचिका का हवाला दिया जा रहा है। स्वामी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत कांग्रेस के तत्कालीन नेताओं मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के जरिए घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को हड़पने का आरोप लगाया था। आरोप है कि नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए ‘यंग इंडियन लिमिटेड’ नामक संस्था बनाई गई, जिसमें गांधी परिवार की बहुलांश हिस्सेदारी है, और इसके जरिए एजेएल (Associated Journals Limited) का अवैध अधिग्रहण किया गया।
सुब्रमण्यम स्वामी का दावा था कि दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की करीब 2000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति पर कब्जा करने के उद्देश्य से यह पूरा मामला रचा गया और लगभग 2000 करोड़ की कंपनी को महज 50 लाख रुपये में अपने नियंत्रण में लिया गया। स्वामी ने इस प्रकरण में सोनिया और राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी। इस मामले में नामजद नेताओं में से मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज का अब निधन हो चुका है।
दुर्ग में प्रदर्शन के दौरान भूपेश बघेल ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा असत्य और हिंसा की राह पर चलने वाली पार्टी है और वह कभी महात्मा गांधी की विचारधारा से सहमत नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की पूजा करती है। भूपेश बघेल ने मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया।
इधर, बिलासपुर और रायगढ़ में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालयों के घेराव का प्रयास किया। इस दौरान केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और कुछ स्थानों पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। पुलिस बल तैनात कर हालात को नियंत्रित किया गया।



