रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा की पूर्व अधिकारी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने उन्हें समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसके बाद मंगलवार शाम गिरफ्तारी की गई।
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ईडी सौम्या चौरसिया को आज बुधवार सुबह 11 बजे रायपुर स्थित विशेष न्यायालय में पेश करेगी। गिरफ्तारी के बाद सौम्या चौरसिया की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ED कार्यालय पहुंचने का वीडियो आया सामने
मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे सौम्या चौरसिया रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित ईडी कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। गाड़ी से उतरते ही वह तेज कदमों से कार्यालय के भीतर चली गईं। वीडियो में उनकी नजरें झुकी हुई दिखीं और हाथ स्वेटर की जेब में थे।
3200 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आया था। ईडी के मुताबिक, कांग्रेस सरकार के समय नियमों में हेरफेर कर करीब 3200 करोड़ रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया। इस मामले में ईडी अब तक कई वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं को गिरफ्तार कर चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे भी इस मामले में जेल में हैं।
भूपेश बघेल की करीबी मानी जाती थीं सौम्या
सौम्या चौरसिया वर्ष 2008 बैच की पीसीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म दुर्ग जिले के भिलाई में हुआ। उन्होंने पेंड्रा, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और पाटन में एसडीएम के रूप में पदस्थ रहकर काम किया है। पाटन विधानसभा क्षेत्र से भूपेश बघेल विधायक हैं। पाटन में एसडीएम रहते हुए सौम्या की कार्यशैली की काफी चर्चा रही थी, जिससे तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी प्रभावित बताए जाते हैं।
CMO में निभाई थी अहम भूमिका
वर्ष 2016 में सौम्या चौरसिया रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त रहीं। 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में उपसचिव की जिम्मेदारी दी गई थी, जहां उन्हें एक प्रभावशाली अधिकारी के रूप में देखा जाता था।
गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया का नाम कोयला लेवी घोटाले में भी सामने आ चुका है और उस मामले में वह पहले ही जेल जा चुकी हैं।



