CG Liquor Scam : ईडी ने छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले (CG Liquor Scam) मामले में गिरफ्तार राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को बुधवार को स्पेशल कोर्ट रायपुर में पेश किया। इससे पहले मंगलवार को लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट में ईडी ने सौम्या को आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की मांग की।
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इस मामले में अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर समेत 28 अन्य आबकारी विभाग के अधिकारियों को आरोपी बनाया जा चुका है। हालांकि, इन सभी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
दो हजार करोड़ का शराब घोटाला
ईडी की जांच के मुताबिक, 2019-22 के दौरान छत्तीसगढ़ में उच्चस्तरीय अधिकारियों, निजी व्यक्तियों और राजनीतिक हस्तियों का एक सिंडिकेट शराब व्यापार में बड़ी धोखाधड़ी करता रहा। इस घोटाले (CG Liquor Scam) में दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का काला धन कमाया गया। आरोप है कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय सीएसएमसीएल से शराब खरीदते समय रिश्वतखोरी हुई और डिस्टिलर्स से भुगतान लेकर ऑफ-द-बुक बिक्री की गई।
ईडी ने बताया कि डिस्टिलर्स से कार्टेल बनाने और बाजार में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए रिश्वत ली गई। इस मामले की एफआईआर जनवरी 2024 में एसीबी और ईओडब्ल्यू के पत्र के आधार पर दर्ज की गई थी। एफआईआर में अनिल टुटेजा, अरुणपति त्रिपाठी और अनवर ढेबर को मास्टरमाइंड बताया गया है।
टुटेजा उस समय वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव थे। अरुणपति त्रिपाठी आबकारी विभाग के विशेष सचिव और छत्तीसगढ़ मार्केटिंग कॉर्पोरेशन के एमडी थे। अनवर ढेबर रायपुर के मेयर एजाज ढेबर के बड़े भाई और शराब कारोबारी हैं।



