पंकज विश्वकर्मा (समाचार संपादक)
रायपुर. राजधानी के मठ मंदिरों की जमीनों सहित दानदाताओं द्वारा दान की गई संपतियों की अफरातफरी और दान में प्राप्त जमीनों की अवैध खरीदी- बिक्री पर हमने लगातार समाचार संकलन किया और इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। आज शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में यह मामला विधायक इंद्रकुमार साहू और मोतीलाल साहू द्वारा उठाया गया।
रायपुर न्यूज नेटवर्क और RNN 24 न्यूज चैनल की श्री रामचन्द्र स्वामी जैतूसाव मठ मंदिरों की संपत्तियों और जमीनों पर जारी मुहिम, आज रंग लाई।
धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास के मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा आज विधानसभा में अपने धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास मंत्री के कार्यकाल का पहला ही उत्तर इस विषय में दिया। केबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज विधानसभा में अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू के द्वारा उठाए गए इस अति महत्वपूर्ण विषय पर उतर देते हुए बताया कि न्यास एक्ट 1951 के अनुसार यह एक्ट बहुत पुराना है और इस विषय में कभी भी देख रेख नहीं की गई है।

इस मामले में सदन ज़वाब देते हुए उन्होंने कहा कि मठ मंदिरों की जमीनों की अवैध खरीदी- बिक्री की दस शिकायतें आई है, जिसमें दो शिकायतों में उच्च न्यायालय से स्थगन है आठ में पंजीयक, सार्वजनिक न्यास प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच और कार्यवाही की जा रही है।

इस मामले में सभी सार्वजनिक न्यास की आडिट रिपोर्ट का उल्लेख मूल प्रश्न में नहीं था इसलिए यह अति गंभीर विषय विधानसभा के पटल पर नहीं आ सका। विधायक इंद्रकुमार साहू ने अपने पूरक प्रश्न में आडिट रिपोर्ट में विलंब की वजह से जमीनों और धन कोषों में अनियमितता और भ्रष्टाचार का भी उल्लेख किया। जिस पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि एक माह पूर्व सभी सार्वजनिक न्यास और ट्रस्ट की संपत्तियों का रिकार्ड और विवरण मंगाया गया है और उन्हें सुरक्षित और संरक्षित करने की कार्यवाही चल रही है।
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इस मामले में विधायक मोतीलाल साहू ने भी विधानसभा में श्री रामचन्द्र स्वामी जैतूसाव मठ की जमीनों की अवैध तरीके से बेचें जाने और उस हुए बड़े पैमाने पर किए गए भ्रष्टाचार को उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यह धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है।

विधायक मोतीलाल साहू ने यह भी मामला उठाया है कि इस ट्रस्ट की जमीनों को किसकी अनुमति से और किसे बेचा गया। मंत्री राजेश अग्रवाल इस पर जानकारी उपलब्ध कराने की घोषणा सदन में की है।
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इन मामलों में पंजीयक, सार्वजनिक न्यास भूमिका बहुत ही संदिग्ध है क्योंकि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन देने के बावजूद कार्यवाही हो रही है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अनियमिताओं में निर्णय पंजीयक कर सकता है फिर भी सभी मामलों में एक साल से ज्यादा लंबित होने के बाद भी अभी तक किसी भी मामले में पंजीयक सार्वजनिक न्यास ने कोई भी कार्यवाही नहीं की है।
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ये पूरा मामला हिंदू धर्म और उनके धर्मावलंबीयों से जुड़ा हुआ है और भारतीय जनता पार्टी की सरकार की प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है। रायपुर न्यूज नेटवर्क और RNN 24 न्यूज चैनल इस पूरी लड़ाईं को बड़ी ही शिद्दत से लड़ेगा और इसे अंजाम तक जरूर पहुंचायेगा।



