रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र अब 19 दिसंबर तक चलेगा। पहले यह सत्र 17 दिसंबर को समाप्त होने वाला था, लेकिन अवधि बढ़ाए जाने के बाद बढ़े हुए दिनों में सदन के भीतर ‘वंदे मातरम्’ विषय पर विशेष चर्चा होगी।
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सत्र के पहले दिन विधायक धर्मजीत सिंह ने दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में नक्सली कमांडर हिड़मा के समर्थन में लगाए गए नारों का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने इस मामले की निंदा करते हुए विधानसभा में प्रस्ताव लाकर कड़ी आलोचना करने की मांग की। तखतपुर विधायक ने नक्सली हिड़मा और बसवराजू की क्रूर गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे नक्सली समर्थकों को बस्तर का भ्रमण कराया जाना चाहिए, ताकि वे नक्सलियों द्वारा आम लोगों पर किए गए अत्याचारों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें।
इसके साथ ही विधायक धर्मजीत सिंह ने सदन में विधायक निधि बढ़ाने की मांग भी रखी। उन्होंने विधायक निधि को 10 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि पिछली सरकार ने भी इस पर चर्चा की थी, ऐसे में मुख्यमंत्री को एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए निधि में वृद्धि करनी चाहिए। उन्होंने अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज गति से पूरा करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता पर जोर दिया।



