रायपुर। विधानसभा सत्र के पहले दिन ‘विजन 2047’ पर हुई अहम चर्चा से कांग्रेस के दूर रहने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया।
विजय शर्मा ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जब प्रदेश के विकास और आने वाले दशकों की दिशा तय करने का मौका हो, तब विपक्ष का सदन से बाहर रहना समझ से परे है।
उन्होंने कहा, “यह कैसा विपक्ष है, जो छत्तीसगढ़ के आगे बढ़ने की प्रक्रिया में शामिल ही नहीं होना चाहता। विपक्ष को सदन में बैठकर सही–गलत हर पहलू पर बहस करनी चाहिए थी। कांग्रेस की यह उदासीनता बेहद निराशाजनक है।”
इस मौके पर डिप्टी सीएम ने छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे संगठन के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
विजय शर्मा ने कहा, “नितिन नबीन ने पार्टी में बड़े दायित्वों को बखूबी निभाया है। उनके विचारों में हमेशा स्पष्टता रही है। अपने फैसलों पर अडिग रहना मैंने उनसे सीखा है। हमारे बीच काम करने वाले किसी व्यक्ति को जब राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिलती है, तो पूरे संगठन का आत्मविश्वास बढ़ता है।”
वहीं दिल्ली में कांग्रेस की महारैली के दौरान प्रियंका गांधी द्वारा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती पर भी डिप्टी सीएम ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस जनता के बीच अपनी जमीन खो देती है, तो वह ईवीएम को निशाना बनाने लगती है।
विजय शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, “अगर ईवीएम ही गलत है, तो फिर कांग्रेस को कोई सुधार नहीं सकता। कोई भी सिस्टम गलत है, तो उसे साबित करना चाहिए। कांग्रेस जब जीतती है तब ईवीएम सही होती है, और हारते ही वही ईवीएम गलत हो जाती है।”



