रिपोर्ट – नसीम खान
रायपुर : सरगुजा जिले में अमेरा कोयला खदान विस्तार को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। हाल ही में 3 दिसंबर को ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद अब कांग्रेस नेता आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, ने, प्रभावित ग्रामीणों से मिलने पहुंचे। उन्होंने खदान विस्तार के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने अमेरा खदान से प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की और 3 दिसंबर की उस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली, जिसमें पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई थी।
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ग्रामीणों ने बताया कि साल 2014 से ही वे खदान विस्तार का लगातार विरोध कर रहे हैं। समय-समय पर ग्राम सभा में प्रस्ताव पास कर शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन पांचवीं अनुसूची क्षेत्र होने के बावजूद बिना ग्राम सभा की सहमति के जबरन भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे अपनी जमीन खदान विस्तार के लिए नहीं देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में पूर्व क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री ने एक वीडियो में दावा किया कि ग्रामीणों की सहमति है, जबकि भाजपा जिला अध्यक्ष की कोई बैठक परसोडी कला में हुई ही नहीं, बल्कि लखनपुर में हुई थी।
इसे ग्रामीण भ्रामक प्रचार बता रहे हैं आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने कहा कि 3 दिसंबर की घटना बेहद संवेदनशील और दुखद है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच ऐसी मुठभेड़ नहीं होनी चाहिए थी। इस घटना में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए। उन्होंने कोल बेयरिंग एक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के इस कानून के तहत कठोर तरीके से भूमि अधिग्रहण हो सकता है।
विस्थापन, पुनर्वास और अन्य मुद्दों पर त्रुटियां हैं। गांव के अस्तित्व को बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।सिंहदेव ने आगे कहा कि भाजपा-कांग्रेस से ऊपर उठकर परसा कोल माइंस, अमेरा खदान विस्तार, मैनपाट बॉक्साइट खनन जैसे मुद्दों पर और सरगुजा की संस्कृति को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर लड़ना होगा।



