नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में आज मंगलवार को राज्यसभा में दोपहर 1 बजे वंदे मातरम पर विशेष चर्चा होगी। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से चर्चा की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। उनके साथ राधामोहन दास अग्रवाल, के. लक्ष्मण, घनश्याम तिवारी और सतपाल शर्मा भी अपनी बात रखेंगे, जबकि चर्चा का समापन बीजेपी अध्यक्ष जे. पी. नड्डा करेंगे।
लोकसभा में सोमवार को 10 घंटे चली बहस
इस मुद्दे पर सोमवार को लोकसभा में 10 घंटे लंबी चर्चा हुई, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। अपने लगभग एक घंटे के संबोधन में पीएम मोदी ने 100 से ज्यादा बार वंदे मातरम का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस ने वंदे मातरम के टुकड़े-टुकड़े कर दिए और तुष्टिकरण की राजनीति में इसका बंटवारा किया।”
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर मुस्लिम लीग के आगे झुकने का आरोप लगाया और कहा कि “पंडित नेहरू जिन्ना के सामने झुक गए।” उन्होंने यह भी कहा कि “जब वंदे मातरम के 100 वर्ष पूरे हुए, तब देश आपातकाल के अंधकार में था।”
प्रियंका गांधी का पलटवार
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम 150 वर्षों से देश की आत्मा का हिस्सा है, लोगों के दिलों में बसा है, तो अब अचानक इसकी बहस क्यों?”
उन्होंने आरोप लगाया कि “इस बहस के पीछे चुनावी मकसद है क्योंकि अगले वर्ष पश्चिम बंगाल में चुनाव हैं।”
वंदे मातरम देश का अमर गीत — राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चर्चा के दौरान कहा कि “वंदे मातरम देश का अमर गीत है, जो सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की भावनाओं का प्रतीक है। ब्रिटिश शासन भी इससे भयभीत था।” उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि “कांग्रेस ने वंदे मातरम को जिन्ना के चश्मे से देखा।”



