रायपुर : रायपुर में कस्टम मिलिंग स्कैम मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपेन चावड़ा के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया है। चावड़ा पर करीब 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध राशि के प्रबंधन में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। उसे इस घोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर का करीबी सहयोगी माना जाता है।
यह भी पढ़े :- मेडिकल PG सीटों में राज्य कोटा घटाया: महंत ने जताई चिंता, CM को लिखा पत्र
जानकारी के अनुसार, ईओडब्ल्यू ने दीपेन चावड़ा को नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उसकी भूमिका कई बड़े आर्थिक अपराधों में सामने आई, जिसके बाद उसके खिलाफ मजबूत सबूत जुटाए गए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर 9 दिसंबर 2025 को रायपुर स्थित विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में उसके खिलाफ चालान पेश किया गया।
जांच में सामने आया है कि दीपेन चावड़ा EOW में दर्ज अन्य मामलों में भी लगभग 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध धनराशि के लेन-देन और प्रबंधन में शामिल रहा है। वहीं, कस्टम मिलिंग स्कैम में उसके द्वारा करीब 20 करोड़ रुपये की राशि लोकसेवकों की ओर से एकत्र किए जाने के भी प्रमाण मिले हैं।
इस प्रकरण में इससे पहले फरवरी 2025 में तत्कालीन प्रबंध संचालक मनोज सोनी और रोशन चंद्राकर के खिलाफ, वहीं अक्टूबर 2025 में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा के विरुद्ध भी विशेष न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है।



