रायपुर : रायपुर सेंट्रल जेल में कांकेर जिले के कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत के बाद पूरे बस्तर संभाग में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने बस्तर बंद का आह्वान किया, जिसका असर जगदलपुर, सुकमा, कांकेर और भानुप्रतापपुर समेत कई इलाकों में देखने को मिला। सुबह से ही शहरों में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
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जगदलपुर में बंद को सफल बनाने के लिए सर्व आदिवासी समाज के सदस्यों ने बाइक रैली भी निकाली। इस बंद को कांग्रेस पार्टी का भी समर्थन मिला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे राजनीतिक प्रताड़ना का मामला बताते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जीवन ठाकुर की मौत इलाज में लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है।
दीपक बैज ने कहा कि उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है और मामले में फर्जी एफआईआर के जरिए जेल भेजने का आरोप लगाया। उन्होंने संबंधित तहसीलदार और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता और चारामा के पूर्व जनपद अध्यक्ष जीवन ठाकुर को 12 अक्टूबर 2025 को जमीन विवाद के मामले में गिरफ्तार कर कांकेर जेल भेजा गया था। बाद में 2 दिसंबर 2025 को बिना परिजनों को सूचना दिए रायपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया गया।
जेल प्रशासन के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 4 दिसंबर 2025 को उनकी मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर इलाज मिला होता तो उनकी जान बच सकती थी, जबकि जेल प्रशासन मौत का कारण बीमारी बता रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रायपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से जांच के आदेश जारी किए जा चुके हैं।



