रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार के दो साल के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी ने झूठे वादों के आधार पर सत्ता हासिल की थी, लेकिन दो वर्षों में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। बैज का दावा है कि यदि आज चुनाव हो जाए तो साय सरकार का जनाधार खत्म हो जाएगा।
यह भी पढ़े :- पुतिन से मुलाकात रोकने का आरोप, राहुल ने सरकार पर साधा निशाना, कहा ….
मीडिया से चर्चा में बैज ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में असफल रही है। उन्होंने पूछा कि दो साल में कितने युवाओं को नौकरी मिली, सरकार आंकड़े जारी करे। किसानों का रकबा काटा गया, वादों के विपरीत किसानों के साथ धोखा हुआ और महतारी वंदन योजना से 5 लाख महिलाओं के नाम हटाए गए। संविदा कर्मियों के नियमितीकरण का वादा भी पूरा नहीं किया गया, जिसके चलते कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
बिजली बिल आधा करने के फैसले पर बैज ने कहा कि साय कैबिनेट ने 200 यूनिट तक ही राहत दी है, वह भी सिर्फ एक साल के लिए और शर्तों के साथ। जबकि कांग्रेस शासन में 400 यूनिट तक हॉफ बिल का लाभ मिलता था। उन्होंने मांग की है कि 400 यूनिट तक हॉफ योजना फिर से लागू की जाए।
SIR को लेकर बैज ने कहा कि 22 लाख मतदाताओं की जानकारी उपलब्ध नहीं है, जिसका मतलब है कि वे सूची से बाहर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई मजदूर दूसरे राज्यों में पलायन कर चुके हैं और आशंका है कि ऐसे मजदूर SIR से बाहर न हो जाएं। उन्होंने चुनाव आयोग से प्रक्रिया पूरी करने के लिए 3 महीने का अतिरिक्त समय देने की मांग की।
कोल माइंस विवाद पर बैज ने आरोप लगाया कि सरकार अपने चहेते उद्योगपतियों को खदानें देने के लिए ग्रामीणों पर दबाव बना रही है, जिससे पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।
मनेंद्रगढ़ के रतनपुर पंचायत में बैगा परिवारों के घर तोड़े जाने पर बैज ने कहा कि बैगा राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र हैं और उनके पास वन अधिकार पट्टा है, फिर भी घरों को निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के करीबी का मकान सुरक्षित रखा गया। कांग्रेस जल्द ही यहां जिलास्तरीय विरोध प्रदर्शन करेगी।
जमीन की गाइडलाइन दर बढ़ाने के फैसले पर बैज ने कहा कि यह फैसला आम जनता के हित में नहीं है। इससे किसानों, मजदूरों और गरीबों के लिए जमीन खरीदना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला ब्लैक मनी को सफेद करने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। बैज ने मांग की कि सरकार इस निर्णय को तुरंत वापस ले और स्पष्ट करे कि इससे किसका फायदा होगा। कांग्रेस इस मुद्दे पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रही है।



