रायपुर : बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के बेतो खास आंगनबाड़ी केंद्र से शासन-प्रशासन की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। महतारी वंदन योजना की सूची में उस महिला का नाम शामिल कर दिया गया, जिसकी मौत दो वर्ष पहले ही हो चुकी है।
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ग्रामीणों के मुताबिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने मृत महिला के नाम पर योजना से लाभ राशि जारी कराने का प्रयास किया। यह मामला विभागीय निगरानी और सत्यापन प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। सरकार जहां योजनाओं में पारदर्शिता और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने की बात करती है, वहीं जमीनी स्तर पर इस तरह की गंभीर चूकें कार्यप्रणाली की लापरवाही को उजागर करती हैं। मृत महिला के नाम पर लाभ जारी करने की कोशिश यह बताती है कि न तो लाभार्थियों का सही सत्यापन हो रहा है और न ही अधिकारी समय-समय पर जांच कर रहे हैं।
मामले की जानकारी ग्रामीणों ने कलेक्टर तक पहुंचाई, जिसके बाद अब विभागीय कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
यह घटना सीधे तौर पर शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करती है कि आखिर ऐसी चूकें कैसे हो रही हैं और जवाबदेही तय क्यों नहीं हो पा रही?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक केंद्र की गलती नहीं, बल्कि व्यवस्था में फैली ढिलाई और लापरवाह सिस्टम की तस्वीर है। अब नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।



