Winter Session of Parliament : लोकसभा के शीतकालीन सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से अपील की कि वे हार की निराशा से बाहर निकलकर राष्ट्रहित में रचनात्मक योगदान दें। संसद भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि यह सत्र देश की प्रगति और विकास की दिशा में ऊर्जा देने वाला होना चाहिए, न कि हार की भड़ास निकालने का मंच।
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लोकतंत्र की ताकत मतदान प्रतिशत ने दिखाया
प्रधानमंत्री ने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उच्च मतदान प्रतिशत ने लोकतंत्र की शक्ति साबित की है। उन्होंने कहा- “भारत ने सिद्ध किया है कि लोकतंत्र डिलीवर कर सकता है। हमारी अर्थव्यवस्था जिस गति से आगे बढ़ रही है, वह हमें विकसित भारत के लक्ष्य के करीब ले जा रही है।
सर्वदलीय बैठक में 36 दलों के नेता शामिल
सत्र (Winter Session of Parliament) से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में 36 राजनीतिक दलों के 50 नेता शामिल हुए। बैठक में सरकार की ओर से:
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा
- संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू
- राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल
वहीं विपक्ष की ओर से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, तृणमूल के डेरेक ओ’ब्रायन, सपा के राम गोपाल यादव, DMK के तिरुचि शिवा सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
बैठक के बाद लोकसभा और राज्यसभा की BAC (Business Advisory Committee) की बैठक हुई, जिसमें विपक्ष ने चुनाव सुधार, राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, विदेश नीति, किसानों की स्थिति, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा की मांग रखी।
सत्र में हंगामे के आसार
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार चाहती है कि सत्र सुचारु चले और वह गतिरोध से बचने के लिए विपक्ष से बातचीत जारी रखेगी।
रिजिजू ने चुटकी लेते हुए कहा-
“यह शीतकालीन सत्र है, सबको ठंडे दिमाग से काम करना चाहिए।”
हालांकि विपक्ष ने राष्ट्रीय सुरक्षा समेत कई गंभीर मुद्दों को उठाने का संकेत दिया है, जिससे सत्र में तीखी बहस और हंगामे की संभावना दिखाई दे रही है। (Winter Session of Parliament)



