रायपुर। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रायपुर नगर निगम राजस्व वसूली के मोर्चे पर गहरे संकट में फंस गया है। 475 करोड़ रुपये का सालाना लक्ष्य रखा गया था, लेकिन नवंबर अंत तक महज 100 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए हैं यानी लक्ष्य का केवल 21%। पिछले साल इसी अवधि की तुलना में इस बार करीब 20 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है।
निगम आयुक्त विश्वदीप ने अधिकारियों को रोजाना 1 करोड़ रुपये वसूलने का टारगेट दिया था, लेकिन हकीकत में अब रोजाना सिर्फ 30-40 लाख रुपये ही आ रहे हैं। वजह साफ है – राजस्व कर्मचारियों को SIR ड्यूटी, VIP ड्यूटी और दूसरे बाहरी कामों में लगाया जा रहा है, जिससे मूल काम प्रभावित हो रहा है।
अब बचे सिर्फ 5 महीने बचे हैं और 390 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली करनी है। मौजूदा रफ्तार से यह लक्ष्य लगभग नामुमकिन दिख रहा है। संपत्ति कर, पानी बिल, ट्रेड लाइसेंस, विज्ञापन शुल्क समेत सभी प्रमुख स्रोतों में भारी सुस्ती है।
एकमात्र उम्मीद के रूप में शुरू किए गए ओपन प्लॉट टैक्स अभियान में भी रफ्तार धीमी है। शहर में कुल 38,292 ओपन प्लॉट हैं। अब तक सिर्फ 6 हजार प्लॉटों से करीब 8 करोड़ रुपये वसूले गए हैं, जबकि 32 हजार से ज्यादा प्लॉट अभी भी बाकी हैं।
निगम के सामने अब या तो अभियान में जबरदस्त तेजी लानी होगी या फिर अगले साल बजट में भारी कटौती और कर्मचारियों की तनख्वाह-विकास कार्यों पर संकट तय है।



