प्रदेश में दवाओं के दुष्प्रभावों (Adverse Drug Reactions) के मामलों में पारदर्शिता और त्वरित समाधान के लिए सरकार ने नया कदम उठाया है। अब प्रदेश के 10 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर्स पर QR कोड और हेल्पलाइन नंबर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि किसी भी दवा का गलत असर होने पर मरीज तुरंत शिकायत दर्ज कर सकें।
यह भी पढ़े :- भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा चूक पर कड़ी कार्रवाई: दो महाप्रबंधक निलंबित, कई अधिकारियों को चेतावनी
भारतीय सरकार के निर्देश पर Pharmacovigilance Program of India (PVPV) के तहत यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसके लिए सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को अपने प्रतिष्ठान में रंगीन QR कोड और टोल-फ्री नंबर 1800-180-3024 प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।
QR कोड से कैसे होगी शिकायत
- ग्राहक QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे
- या फिर सीधे 1800-180-3024 पर कॉल कर दवा रिएक्शन की जानकारी दे सकेंगे
- जानकारी मिलते ही मामला संबंधित विभाग तक भेजा जाएगा
- औषधि प्रशासन की टीम दवा की गुणवत्ता, असर और कारणों की जांच करेगी
क्यों जरूरी था नया सिस्टम
विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार दवाएं अलग-अलग शरीरों पर अलग तरीके से असर करती हैं और दुष्प्रभाव गंभीर भी हो सकते हैं। लेकिन कई शिकायतें दर्ज ही नहीं हो पातीं या प्रक्रिया जटिल होने के कारण लोग आगे नहीं बढ़ते। नया QR सिस्टम इस समस्या को दूर करेगा और पारदर्शिता लाएगा।
आम लोगों को होने वाले लाभ
- शिकायत दर्ज करने की सरल और त्वरित सुविधा
- गलत दवा और दुष्प्रभाव की तुरंत जांच
- दवा कंपनियों और मेडिकल स्टोर्स की जवाबदेही बढ़ेगी
- दवाओं की गुणवत्ता पर बेहतर निगरानी
-
PVPV क्या है
Pharmacovigilance Program of India भारत सरकार की वह पहल है, जिसका उद्देश्य दवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनके दुष्प्रभावों की वैज्ञानिक निगरानी करना है। अब आम नागरिक भी इसमें सीधे रूप से सहभागी बन सकेंगे।
One Line Flash
दवा का गलत असर हो तो तुरंत QR स्कैन करें—शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी।



