Ram Mandir flag hoisting : 500 वर्षों के लंबे इंतज़ार के बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा लहराने का ऐतिहासिक क्षण आज मंगलवार को पूरा हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभ मुहूर्त में 22 फीट लंबी, 11 फीट चौड़ी और करीब 3 किलो वजनी भगवा धर्म ध्वजा को मंदिर शिखर पर फहराया।
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इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सहित देशभर से आए लगभग 7000 विशेष आमंत्रित अतिथि बने। ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सप्तमंदिर में सप्त ऋषियों के दर्शन किए और भगवान श्रीराम की आरती उतारी।
केसरिया सिल्क से बनी विशेष धर्म ध्वजा
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि ध्वजा केसरिया सिल्क से बनी है, जिसका रंग अग्नि और उदय होते सूर्य का प्रतीक है—जो त्याग, प्रकाश और समर्पण को दर्शाता है।
यह 10 फुट चौड़ी, 20 फुट लंबी तथा त्रिकोणीय आकृति में है। इस पर सूर्य, ‘ॐ’, और कोविदार वृक्ष के पवित्र चिन्ह अंकित हैं। ध्वजा फहराने की यह रस्म पूर्वाह्न 11:50 बजे प्रधानमंत्री मोदी, मोहन भागवत और स्वामी गोविंद देव गिरि की मौजूदगी में संपन्न हुई।
अयोध्या में PM का भव्य रोड शो
अयोध्या पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने रोड शो किया। इसके बाद वे नव-निर्मित सप्तमंदिर पहुंचे, जहां महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह और माता शबरी के मंदिर स्थित हैं।
अयोध्या एयरपोर्ट पर सीएम योगी और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका स्वागत किया।
‘ध्वजारोहण राम राज्य के शाश्वत मूल्यों का प्रतीक’ — सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह पल केवल मंदिर निर्माण का प्रतीक नहीं, बल्कि राम राज्य के आदर्शों और आस्था की चिरस्थायी विजय का प्रतीक है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा-
“आस्था, सभ्यता और मानवता के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ रहा है।”
‘आज अशोक सिंघल जी को शांति मिली होगी’ – मोहन भागवत
ध्वजारोहण समारोह में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भावुक स्वर में कहा—
“राम मंदिर के लिए जिन्होंने बलिदान दिया, आज उनकी आत्मा को शांति मिली होगी। अशोक सिंघल जी को भी आज शांति मिली होगी। ध्वज एक प्रतीक होता है, और मंदिर रूपी यह ध्वज सारा विश्व कल्याण की दिशा में आगे बढ़ाएगा।”



