रायपुर। कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने SIR प्रक्रिया को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में हुए SIR की सच्चाई पूरे देश ने देखी, जहां 65 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए और बाद में दबाव पड़ने पर 21 लाख नाम दोबारा जोड़े गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा SIR के नाम पर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।
यह भी पढ़े :- अयोध्या में मंदिर शिखर पर फहराया गया भगवा ध्वज, PM मोदी बोले- “आज सदियों की वेदना को विराम मिला”
उपाध्याय ने प्रदेश में प्रस्तावित DGP–IGP कॉन्फ्रेंस को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चाकूबाजी, दुष्कर्म और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन सरकार कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय सिर्फ कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी छवि सुधारने में लगी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह के काफिले को रोके जाने की घटना पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारों के आने के बाद अक्सर छोटे किसानों और जमीन मालिकों के मामलों को पेचीदा बनाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार आम लोगों के जमीन संबंधी मामलों में अनावश्यक उलझनें पैदा करने की प्रवृत्ति रखती है।



