Bollywood actor Dharmendra is no more: मुंबई। बॉलीवुड के महान अभिनेता और ‘ही-मैन’…. धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे। सोमवार दोपहर से उनके जुहू स्थित बंगले ‘सनी विला’ के बाहर अचानक बढ़ी हलचल ने सभी को चौंका दिया था। एंबुलेंस के घर में प्रवेश करने, पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग लगाने और भारी सुरक्षा तैनात किए जाने के बाद शाम को खबर आई कि धर्मेंद्र का निधन हो चुका है। परिवार ने हालांकि पहले स्थिति स्पष्ट नहीं की, लेकिन श्मशान घाट पर उनकी मौजूदगी ने सब कुछ साफ कर दिया। जानकारी के मुताबिक 89 साल के धर्मेंद्र ने सोमवार दोपहर करीब 1 बजे अपने घर पर अंतिम सांस ली।
विले पार्ले श्मशान घाट पर धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार पूरे रीति-रिवाज के साथ किया गया। बेटे सनी देओल और बॉबी देओल अपने पिता को अंतिम मुखाग्नि देते हुए बेहद भावुक नज़र आए। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि दोनों भाइयों को संभालना मुश्किल हो रहा था। परिवार के करीबी सदस्य और रिश्तेदार भी वहां उपस्थित थे।
धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल श्मशान घाट पहुंचीं तो वे पूरी तरह टूट चुकी थीं। सफेद दुपट्टे से अपना चेहरा ढके ईशा रोते हुए दिखाई दीं। हेमा मालिनी भी अपनी बेटी और परिवार के साथ उपस्थित रहीं। दोनों का दर्द साफ झलक रहा था।
धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार में बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकार पहुंचे। अमिताभ बच्चन, जो लंबे समय से धर्मेंद्र के घनिष्ठ मित्र रहे हैं, शांत और भावुक दिखे। आमिर खान भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। कई पुराने साथी, निर्देशकों, निर्माताओं और युवा कलाकारों ने भी श्मशान घाट पहुंचकर अंतिम विदाई दी।
धर्मेंद्र के बंगले के बाहर सुबह से ही पुलिस और लगभग 50 प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़ी बैरिकेडिंग की गई। कई फैंस अपने प्रिय अभिनेता की एक झलक पाने के लिए वहां जमा हुए, लेकिन किसी को भी प्रवेश नहीं दिया गया।
कुछ दिनों पहले स्वास्थ्य बिगड़ने पर धर्मेंद्र को अस्पताल में भर्ती किया गया था। उन्हें आईसीयू और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। तबीयत में हल्का सुधार होने पर उन्हें घर लाकर इलाज जारी रखा गया। लेकिन सोमवार को अचानक स्थिति गंभीर हो गई और आखिरकार उन्होंने अंतिम सांस ली।
8 दिसंबर 1935 को पंजाब के नसराली में जन्मे धर्मेंद्र ने 1958 में फिल्मफेयर टैलेंट हंट जीता था। 1960 में फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। 1960–70 के दशक में वे रोमांटिक हीरो, एक्शन स्टार दोनों रूपों में दर्शकों के चहेते बने।
शोले, सीता और गीता, यादों की बारात, धरम वीर, प्रेम नगर, राम बलराम जैसी फिल्मों ने उन्हें सिनेमा का चमकता सितारा बना दिया। दर्शकों ने उन्हें प्यार से ‘ही-मैन ऑफ बॉलीवुड’ कहा।
अंतिम संस्कार के वक्त धर्मेंद्र के पोते करण देओल की तस्वीरें सामने आईं, जिनमें वे बेहद उदास दिखाई दिए। परिवार के सभी सदस्य इस गहरे दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।



