Ayodhya Ram Mandir : अयोध्या। भगवान राम की पवित्र नगरी अयोध्या 25 नवंबर को राम मंदिर के धर्म ध्वजा समारोह के लिए पूरी तरह सज चुकी है। यह आयोजन केवल धार्मिक महत्व का नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता और सभी वर्गों को जोड़ने का संदेश भी देता है। इस बार समारोह में निषादराज और शबरी माता के समुदाय से जुड़े लोग सहित उन सभी व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है जिनका रामायण में विशेष स्थान है। कुल 6,000 से 8,000 लोगों की सूची तैयार की गई है।
इस ऐतिहासिक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे। वे हेलीकॉप्टर के माध्यम से साकेत महाविद्यालय पहुंचेंगे और वहां से रामजन्मभूमि तक भव्य रोड शो का आयोजन किया जाएगा। रोड शो के दौरान आठ जोनों में विभाजित रास्तों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं थाली, आरती और पुष्पों से उनका स्वागत करेंगी।
राम मंदिर के शिखर पर फहराई जाने वाली केसरिया ध्वज विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है। इस ध्वज पर सूर्य देव, ॐ और कोविदार वृक्ष के चित्र बने हैं।
सूर्य देव – भगवान राम के सूर्यवंशी होने का प्रतीक।
ॐ – ब्रह्मांडीय ध्वनि और शुभ चिन्ह, मंदिर परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संकेत।
कोविदार वृक्ष – अयोध्या का प्राचीन राजचिन्ह, रामायण में इसका उल्लेख मिलता है।
मिर्जापुर स्थित देवरहा बाबा आश्रम से लगभग 550 मन (205 कुंतल) लड्डू अयोध्या भेजे जा रहे हैं। ये लड्डू शुद्ध देसी घी से तैयार किए गए हैं और प्रत्येक स्टील डब्बे में 11 लड्डू पैक होंगे। भगवान राम को भोग लगाने के बाद इन्हें भक्तों में वितरित किया जाएगा।
समारोह में फिल्म, खेल और कला जगत की बड़ी हस्तियां शामिल होने की संभावना है। इनमें अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज शामिल हो सकते हैं। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 60-80 चार्टर्ड प्लेन उतर सकते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 100 से अधिक CISF जवान तैनात किए गए हैं।
इस कार्यक्रम को धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से ऐतिहासिक माना जा रहा है, जो भगवान राम के संदेश और समानता की भावना को सभी के बीच पुनः जीवित करेगा।


