हैदराबाद/बस्तर। तेलंगाना के हैदराबाद में शनिवार को 37 नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने वालों में तेलंगाना स्टेट कमेटी के 12 कैडर, दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के 23 सदस्य और PLGA बटालियन नंबर-1 के 2 कैडर शामिल हैं। इनमें से कई नक्सली कुख्यात माओवादी कमांडर माड़वी हिड़मा के साथ सक्रिय रहे थे।
स्टेट कमेटी मेंबर ‘आजाद’ समेत बड़े नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
स्टेट कमेटी मेंबर मुछाकी एरा उर्फ आजाद (49), नारायण रमेश (70) और मुचाकी सोमड़ा (42) पर 20-20 लाख रुपए का इनाम घोषित था। DVCM मेंबर पर 5-5 लाख, ACM पर 4-4 लाख और पार्टी मेंबर्स पर 1-1 लाख इनाम था। इन सभी नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 41 लाख रुपए का इनाम घोषित था। सभी ने हैदराबाद स्थित DGM कार्यालय में हथियारों के साथ सरेंडर किया। सरेंडर करने वालों में अधिकांश नक्सली बस्तर क्षेत्र के रहने वाले हैं।
सरकार पुनर्वास को प्रतिबद्ध — IG सुंदरराज
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने कहा- “जो भी माओवादी हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, सरकार और पुलिस उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।”
हिड़मा के मारे जाने के बाद बढ़ा सरेंडर का सिलसिला
18 नवंबर को आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले में हुई बड़ी मुठभेड़ में सेंट्रल कमेटी मेंबर माड़वी हिड़मा समेत 6 नक्सली मारे गए थे। हिड़मा की पत्नी राजे (DKSZCM कैडर) भी इस एनकाउंटर में ढेर हुई थी। दोनों का अंतिम संस्कार 20 नवंबर को उनके गांव में किया गया।

इसके बाद क्षेत्र में लगातार कार्रवाई तेज हुई। पिछले दो दिनों में छत्तीसगढ़–आंध्रप्रदेश सीमा पर सुरक्षाबलों ने 13 नक्सली मार गिराए और 50 माओवादी गिरफ्तार किए। ASR जिले में हुई एक अन्य मुठभेड़ में माओवादी नेता टेक शंकर सहित 7 नक्सली ढेर हुए।



