रायपुर : दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र के शंकर नगर में अपने 4 साल के बेटे जगदीप सिंह की हत्या करने वाले सौतेले पिता मनप्रीत सिंह और उनकी पत्नी गायत्री साहू को अदालत ने आज आजीवन कारावास और 1,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। घटना 31 जनवरी से 1 फरवरी 2024 के बीच हुई थी।
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पुलिस के अनुसार, मनप्रीत अक्सर अपने सौतेले बेटे के साथ अमानवीय व्यवहार करता था और घटना वाले दिन भी उसने बच्चे को पेट पर मारकर गंभीर चोट पहुंचाई, जिससे उसकी मौत हो गई। बच्चे की मां ने भी अपराध में भाग लिया। घटना के बाद दंपत्ति ने शव का गुपचुप अंतिम संस्कार किया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों और लगातार मारपीट की पुष्टि हुई। पड़ोसी हरिनाथ यादव की सूचना पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और मामले की जांच पूरी कर अदालत में आरोप-पत्र पेश किया।
सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने कहा, “अभियुक्तों ने अपने संरक्षण में रहे मासूम पर अमानवीय अत्याचार किया। ऐसे अपराध समाज की चेतना को झकझोर देते हैं।” अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कठोर दंड जरूरी है ताकि बच्चों पर अत्याचार करने वालों को संदेश मिले कि कानून से बच नहीं सकते।
दोनों आरोपी 2 फरवरी 2024 से न्यायिक अभिरक्षा में हैं और उन्हें केंद्रीय कारागार दुर्ग में भेजा गया है।



