IND vs SA, 2nd Test Day 1: गुवाहाटी। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को यहां के बारसापारा क्रिकेट स्टेडियम में शुरू हुआ, जो टेस्ट क्रिकेट की मेजबानी करने वाला भारत का 30वां मैदान बन गया। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया और लंच तक अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। 55 ओवरों में दो विकेट खोकर 156 रन बनाने वाली मेहमान टीम की ओर से बावुमा 36* और ट्रिस्टन स्टब्स 32* रन बनाकर नाबाद लौटे। पहले सेशन में एक विकेट पर 82 रन बनाने के बाद दूसरे सेशन में भारत को जल्दी सफलता मिली, लेकिन उसके बाद दक्षिण अफ्रीकी जोड़ी ने भारतीय गेंदबाजों को खासी मशक्कत कराई।
मैच की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीकी सलामी बल्लेबाजों एडेन मार्करम (38) और रयान रिकेल्टन ने संयमित शुरुआत की, लेकिन 27.2 ओवर में जसप्रीत बुमराह ने मार्करम को बोल्ड करके भारत को पहली सफलता दिलाई। दूसरे सेशन की पहली गेंद पर ही कुलदीप यादव ने रिकेल्टन (35) को ऋषभ पंत के हाथों कैच कराकर दूसरा झटका दिया, जिससे दक्षिण अफ्रीका 82/2 पर सिमटने के कगार पर लग रही थी। हालांकि, कप्तान बावुमा और स्टब्स ने 74 रनों की साझेदारी निभाकर स्थिति संभाल ली। बावुमा की शानदार फॉर्म जारी है, जो कोलकाता टेस्ट में उनकी अर्धशतकीय पारी के बाद और मजबूत हुई है।
भारतीय टीम में दो बदलाव देखने को मिले, जहां शुभमन गिल की गर्दन की चोट के कारण नितीश कुमार रेड्डी को जगह मिली और अक्षर पटेल की जगह साई सुदर्शन खेल रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका ने भी एक फेरबदल किया, जिसमें कॉर्बिन बोस की जगह सेनुरन मुथुसामी शामिल हुए। गिल की अनुपस्थिति में ऋषभ पंत ने पहली बार आधिकारिक तौर पर टेस्ट कप्तानी संभाली और वे भारत के 38वें टेस्ट कप्तान बन गए। पंत की कप्तानी में भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी की, लेकिन स्पिनर कुलदीप के अलावा बाकी गेंदबाजों को सफलता नहीं मिली। मोहम्मद सिराज ने 34 रन लुटाए बिना कोई विकेट नहीं लिया।
सीरीज में 1-0 से आगे दक्षिण अफ्रीका को हराकर बराबरी करने की जिम्मेदारी भारत पर है, जो कोलकाता में स्पिन के जाल में फंसकर हार चुका है। गुवाहाटी की लाल मिट्टी वाली पिच पर शुरुआती बाउंस के बाद स्पिनरों का बोलबाला होने की उम्मीद है, लेकिन दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों ने इसे अच्छे से संभाला। लंच के बाद भारत को ब्रेकथ्रू की तलाश होगी, क्योंकि शाम ढलने के साथ रोशनी की समस्या भी हो सकती है।



