Asia Cup Rising Stars 2025: दोहा। एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट 2025 के पहले सेमीफाइनल में भारत A को बांग्लादेश A के हाथों सुपर ओवर में करीबी और दिल तोड़ने वाली शिकस्त झेलनी पड़ी। मैच पूरे 80 ओवर तक बराबरी पर खिंचा रहा और आखिरी क्षणों में टीम मैनेजमेंट का एक फैसला ऐसा रहा, जिसने पूरे देश के युवा क्रिकेट प्रेमियों को स्तब्ध कर दिया।
बांग्लादेश A ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 194 रन बनाए। जवाब में भारत A ने भी आखिरी गेंद तक संघर्ष किया और ठीक 194/6 पर पहुंचकर मैच टाई करा दिया। सुपर ओवर में भारत को पहले बल्लेबाजी का मौका मिला, लेकिन यहीं सबसे बड़ा विवाद खड़ा हुआ। पावर-हिटिंग के लिए मशहूर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी बेंच पर छटपटाते रहे, हाथ में बैट लिए खड़े रहे, लेकिन कप्तान जितेश शर्मा और कोच सुनील जोशी ने उन्हें मौका नहीं दिया।
सुपर ओवर में भारत ने जितेश शर्मा और रामनदीप सिंह को उतारा। पहली ही गेंद पर जितेश क्लीन बोल्ड हो गए। तीसरे नंबर पर आए अशुतोष शर्मा भी पहली गेंद पर आउट हो गए और दो विकेट गिरते ही भारत का सुपर ओवर समाप्त हो गया। वैभव को बैटिंग का मौका तक नहीं मिला। बांग्लादेश को जीत के लिए सिर्फ 1 रन चाहिए था, जो उसे एक वाइड गेंद से मिल गया और इस तरह भारत A का फाइनल में पहुंचने का सपना चूर-चूर हो गया।
मैच के बाद सोशल मीडिया पर वैभव के चाहने वालों का गुस्सा फूट पड़ा। लोग सवाल उठा रहे हैं कि टूर्नामेंट में लगातार धमाकेदार पारियां खेल रहे वैभव को सुपर ओवर जैसे निर्णायक पल में क्यों नजरअंदाज किया गया? कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी इसे “रणनीतिक भूल” करार दिया है। वैभव की निराशा कैमरे में कैद हो गई; वह मैदान किनारे बैठे सिर झुकाए नजर आए, जबकि उनकी आंखों में साफ दिख रहा था कि वह भारत को जिताने के लिए बेताब थे।
यह हार सिर्फ एक सेमीफाइनल नहीं, बल्कि युवा भारतीय क्रिकेट के लिए एक सबक बन गई है कि मैदान पर प्रदर्शन के साथ-साथ डगआउट के फैसले भी कितने निर्णायक हो सकते हैं। अब बांग्लादेश A फाइनल में पहुंच गया है, जबकि भारत A के युवा सितारे इस कड़वी याद को लेकर स्वदेश लौटेंगे।



