रायपुर। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने मौदहापारा थाने पहुंचकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। उनकी गिरफ्तारी की जानकारी पहले से ही सोशल मीडिया पर प्रसारित हो चुकी थी, जिसके बाद बड़ी संख्या में समर्थक थाने के बाहर इकट्ठा हुए और पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। हालात को नियंत्रण में रखने के लिए 1 एएसपी, 2 सीएसपी और 5 थानों के टीआई समेत पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.राज शेखावत ने मौदहापारा थाने में अपनी गिरफ्तारी दी है। पुलिस ने औपचारिक कार्रवाई पूरी करने के बाद थाने से ही उन्हें जमानत दे दी।
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गिरफ्तारी की घोषणा सोशल मीडिया पर की थी। गिरफ्तारी से एक दिन पहले शेखावत ने फेसबुक पर ‘आमंत्रण यात्रा’ निकालने और शाम 4 बजे मौदहापारा थाने पहुंचकर स्वेच्छा से गिरफ्तारी देने की बात लिखी थी। बताया गया कि यह यात्रा पीड़ित परिवार की अगुवाई में निकलनी थी।

धमकीभरे बयान के बाद कार्रवाई
हाल ही में शेखावत ने कथित सूदखोर बताए जा रहे वीरेंद्र तोमर के मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे और पुलिसकर्मियों के घरों में घुसने तक की सार्वजनिक धमकी दी थी। इस बयान के आधार पर पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के तत्कालीन टीआई योगेश कश्यप ने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 15 नवंबर को मौदहापारा पुलिस ने BNS की धाराओं के तहत FIR दर्ज की।
राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा पहले ही साफ कर चुके हैं अपराधी कोई भी हो, छोड़ा नहीं जाएगा। इधर, वीरेंद्र तोमर फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
गिरफ्तारी से पहले लाइव में पुलिस पर हमला
थाने पहुंचने से पहले शेखावत ने करीब एक घंटे की सोशल मीडिया लाइव में पुलिस कार्रवाई को ‘गलत’ ठहराते हुए कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा तोमर कौन सा आतंकवादी था, जो उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया? पुलिस जैसे तोमर के घर घुसी, वैसे ही हम भी पुलिसवालों के घरों में घुसेंगे। क्षत्रिय समाज के लाखों लोग जल्द ही रायपुर पहुंचेंगे। उन्होंने 7 दिसंबर को ‘न्याय महापंचायत’ आयोजित करने की घोषणा भी की।

पुलिस पर अमानवीय व्यवहार का आरोप
शेखावत का दावा है कि पुलिस ने वीरेंद्र तोमर को तपती धूप में नंगे पैर, हथकड़ियों में घुमाया और सड़क पर गिरने पर उसके ऊपर पैर रखा। उन्होंने कहाऐसे पुलिसवालों को शर्म आनी चाहिए, डूब मरो। पुलिस न्याय देने के लिए होती है, किसी कमजोर व्यक्ति पर अत्याचार करने के लिए नहीं।
तीन महीने पहले करणी सेना ने किया था किनारा
इसी मामले पर कुछ समय पहले राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा था कि हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर का करणी सेना से कोई संबंध नहीं है।



