अंबिकापुर। सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आज जनजातीय गौरव दिवस का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित इस समारोह में जनजातीय परंपरा, संस्कृति और संघर्ष की विरासत को याद किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जुएल ओरांव, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और जनजातीय समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू ने मुख्यमंत्री ग्राम अखरा विकास योजना का शुभारंभ किया। इसके साथ ही जनजातीय नायकों, जनजातीय विद्रोहों के वीरों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। मैदान में सजी जनजातीय विकास प्रदर्शनी और क्राफ्ट मेले ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय समुदाय के विकास में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है, जो जनजातीय कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सीएम साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद की कमर लगभग टूट चुकी है और अब वहां सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तेज़ी से पहुंच रही हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में नक्सल पीड़ितों का एक समूह राष्ट्रपति से मिला था, जिनकी मुस्कान और उत्साह यह दिखाता है कि प्रदेश में बदलाव कितनी तेज़ी से हो रहा है।
जनजातीय गौरव दिवस का यह समापन समारोह न सिर्फ जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव बना, बल्कि विकास, सम्मान और सशक्तिकरण की नई दिशा भी प्रदर्शित करता है।



