रायपुर। छत्तीसगढ़ में निर्माण श्रमिकों के कल्याण को लेकर एक बड़ी पहल की गई है। श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह की मौजूदगी में 16 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 73,868 निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारजनों के बैंक खातों में सीधे 25 करोड़ 65 लाख 90 हजार 402 रुपए की राशि डी.बी.टी. के माध्यम से हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर सचिव सह श्रमायुक्त हिम शिखर गुप्ता और मंडल सचिव गिरिश रामटेके भी उपस्थित रहे।
इस पहल के तहत श्रमिकों को त्वरित और पारदर्शी लाभ प्रदान किया गया। विभिन्न योजनाओं में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 23 लाभार्थियों को 23 लाख रुपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना में 7 बच्चों को 3 लाख 5 हजार रुपए, तथा निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के अंतर्गत 31,754 बच्चों को 4 करोड़ 18 लाख 62 हजार रुपए वितरित किए गए। मिनीमाता महतारी जतन योजना में 2,436 हितग्राहियों को 4 करोड़ 87 लाख 20 हजार रुपए, जबकि मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना में 1,080 श्रमिकों को 16 लाख 20 हजार रुपए प्रदान किए गए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना में 47 लाभार्थियों को 47 लाख रुपए, दीर्घायु सहायता योजना में 2 लाभार्थियों को 40 हजार रुपए, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में 220 श्रमिकों को 2 करोड़ 20 लाख रुपए, और नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 655 विद्यार्थियों को 55 लाख 1 हजार 176 रुपए दिए गए। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 2,461 हितग्राहियों को 4 करोड़ 92 लाख 20 हजार रुपए वितरित किए गए। नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना में 32,248 बच्चों को 6 करोड़ 47 लाख 61 हजार 500 रुपए, श्रमिक औजार सहायता योजना में 1,961 श्रमिकों को 67 लाख 82 हजार 238 रुपए, श्रमिक सियान सहायता योजना में 326 श्रमिकों को 65 लाख 20 हजार रुपए, सायकल सहायता योजना में 585 लाभार्थियों को 21 लाख 66 हजार 588 रुपए, सिलाई मशीन सहायता योजना में 1 लाभार्थी को 7,900 रुपए और निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना में 56 श्रमिकों को 84 हजार रुपए वितरित किए गए।
इस अवसर पर श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन और अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से सीधे श्रमिकों तक पहुंचे। यह पहल रजत जयंती वर्ष में श्रमिक वर्ग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और समर्पण का प्रतीक है।



