रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की रजत यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले तीन दिवंगत जनप्रतिनिधियों रजनी ताई उपासने, बनवारी लाल अग्रवाल और राधेश्याम शुक्ल को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये तीनों व्यक्तित्व न केवल राजनीतिक जीवन में अपनी अमिट पहचान छोड़ गए, बल्कि समाजसेवा के अनेक आयामों को भी समृद्ध किया।
उन्होंने रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने को याद करते हुए कहा कि वे सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में प्रेरणादायी व्यक्तित्व थीं। रजनी ताई के निधन को प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरलता, संघर्षशीलता और सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों को हमेशा मार्गदर्शन देती रहेगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और दो बार विधायक रहे बनवारी लाल अग्रवाल को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अग्रवाल का संगठन के प्रति समर्पण और जनसेवा के प्रति उनका अथक प्रयास हम सबके लिए प्रेरक है। उनका संतुलित और अनुशासित व्यक्तित्व विधानसभा की गरिमा का प्रतीक था।
राधेश्याम शुक्ल के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे हमेशा अनुशासन, निष्ठा और कर्मठता के लिए याद किए जाएंगे। उनका संपूर्ण जीवन जनता की सेवा को समर्पित था। उनके निधन से प्रदेश ने एक सच्चा, संवेदनशील और प्रतिबद्ध जनप्रतिनिधि खो दिया है।
मुख्यमंत्री साय ने तीनों दिवंगत नेताओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि इन महान विभूतियों का योगदान छत्तीसगढ़ के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।



