पंकज विश्वकर्मा (समाचार संपादक)
रायपुर। छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर के सबसे बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल डी.के.एस. सहित मेकाहारा अस्पताल की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है। मेकाहारा और संबद्ध अस्पतालों की स्वशासित समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल के सामने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सरकारी अस्पतालों की इस स्थिति से बुरी तरह भड़क गए।

राजधानी के सबसे बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल डी.के.एस. में डायलिसिस की 54 में से 45 मशीनें खराब हैं। इसके साथ ही 35 वेंटिलेटर में से 18 वेंटिलेटर खराब है। वहीं ऑक्सीजन प्लांट जो कि बंद पड़ा है उसे भी LOI प्रक्रिया से तत्काल शुरू करने के निर्देश सांसद ने दिए।

छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों मेकाहारा और DKS की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार, विस्तार और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, मेकाहारा अस्पताल, डेंटल कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज एवं डीकेएस चिकित्सालय के स्वशासित समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान प्रदेश सहित राजधानी रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों की दयनीय स्थिति सामने आ गई।

बैठक में राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, सक्षम और जनता को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई बड़े निर्णय लिए गए। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने चिकित्सा व्यवस्था में हो रही देरी, रीजेंट व दवाइयों की कमी, और आवश्यक उपकरणों की खराब स्थिति पर कड़ी नाराज़गी जतातें हुए स्पष्ट कहा कि “मरीज का जीवन सर्वोपरि है, एक दिन की देरी भी किसी की जान ले सकती है… किसी भी स्थिति में टेस्ट या मशीनें बंद नहीं होनी चाहिए।”
रीजेंट,उपकरण व दवाइयों की खरीद पर बड़े निर्णय
बैठक में CGMSC की एनओसी में अनावश्यक विलंब पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्णय लिया गया कि, 3 दिनों में एनओसी न मिले तो उसे स्वतः स्वीकृति माना जाएगा और अस्पताल प्रबंधन ऑटोनॉमस फंड के माध्यम से तत्काल दवाइयों व रीजेंट की खरीदी कर सकता है। साथ ही जब तक खरीदी पूरी नहीं होती, रीजेंट रेंटल मोड पर टेस्ट जारी रखने का निर्देश दिए गए। सांसद बृजमोहन ने कहा “जहां पैसे की कमी हो, वहां तुरंत ऑटोनॉमस फंड से खरीदी कर लें, बाद में समायोजन किया जाएगा।” इसके लिए डीन को 20 लाख रुपए और विभागाध्यक्ष को एक लाख रुपए विवेकानुसार खर्च करने का अधिकार प्रदान किया गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर एवं मेडिकल सुविधाओं का विस्तार योजना सहित निर्देश
बैठक में मेकाहारा में अतिरिक्त क्रिटिकल केयर यूनिट व ट्रॉमा सेंटर निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही मेडिकल कॉलेज के सभी क्लासरूमों को स्मार्ट क्लास मानक में अपग्रेड करने हेतु 1 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। जिम का निर्माण, इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में वेंटिलेशन और मैट बिछाने, फायर फाइटिंग व अलार्म सिस्टम को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने, DRDL लैब का कार्य 6 माह में प्रारंभ करने, 250 सीट की नई लेक्चर हॉल की मंजूरी, CGMSC स्किल लैब, योग एवं मेडिटेशन सेंटर, एनिमल हाउस के निर्माण की स्वीकृति और निर्देश दिए गए।
मशीनें, जांच और तकनीक में तत्काल सुधार और मरीजों की सुविधाओं के लिए तत्काल कड़े निर्देश जारी
हॉस्पिटल के बंद पड़े गामा कैमरा व पैट स्कैन पर नाराजगी जताते हुए सांसद बृजमोहन ने निर्देशित किया कि उसे भारत सरकार के उपक्रम HLL के माध्यम से स्थापित किया जाएगा यदि प्रक्रिया लंबित रही तो डीन को टेंडर निकालने का अधिकार होगा। बैठक में बंद मशीनों को चालू करने हेतु CMC को शक्तियाँ प्रदान की गई है। STP एवं मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम को आधुनिक रूप से स्थापित करने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। सभी अस्पतालों में एक वर्ष का CCTV फुटेज सुरक्षित रखने व कंट्रोल रूम से निगरानी का आदेश भी दिया गया है।
शिक्षा, कोर्स एवं युवा लाभ पर गहन मंथन
बैठक में मेडिकल कॉलेज में लैब टेक्नीशियन, MRI, X-ray टेक्नीशियन सहित एक दर्जन से अधिक नए पैरामेडिकल कोर्स शुरू किए जायेंगे। जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोज़गार और कॉलेज को अतिरिक्त फंड मिलेगा।
प्रशासन व सुविधाओं का विस्तार
अब मेकाहारा में पोस्टमार्टम के लिए ₹250 प्रति पीएम का इंसेंटिव देना का निर्णय लिया गया है। संविदा डॉक्टर यदि एक वर्ष के भीतर छोड़ते हैं तो एक माह का वेतन रोके जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। 36 लाख रुपए की लागत से पार्किंग व कैंटीन निर्माण कार्य किया जायेगा। डॉक्टर-स्टूडेंट्स को सस्ता एवं पोष्टिक भोजन उपलब्ध कराने हेतु ओपन रेस्टोरेंट के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। DKS हॉस्पिटल के लिए भी बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। जिसमें विभागों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती को मंजूरी के साथ सिस्टम को सरल व पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में ऐलान किया – “रायपुर व पूरे प्रदेश की जनता सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं की हकदार है। कोई भी काम पैसे की कमी के कारण नहीं रुकना चाहिए। हमारा लक्ष्य है मेकाहारा और DKS को देश के सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों की श्रेणी में लाना।” उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ मिलकर सभी विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्य, पारदर्शिता और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने का कड़े निर्देश दिये है। अब देखने वाली बात यह है कि बैठक में दिए कड़े निर्देशों का पालन आम जनता और मरीजों को कब तक मिलता है या ये निर्देश भी सिर्फ बैठक तक रह जातें हैं ?



