रायपुर। धान खरीदी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने पर रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने सहकारी समितियों पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर ने जिले की 250 राशन दुकानों का संचालन अधिकार समितियों से वापस लेकर पंचायतों को सौंप दिया है। यह कदम हड़ताल पर चल रहे समिति प्रबंधकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
कलेक्टर के निर्देश पर जारी आदेश में कहा गया है कि धरसींवा विकासखंड के ग्राम परसतराई की शासकीय उचित मूल्य की दुकान (ID 442001003) पिछले 15 दिनों से बिना कारण बंद पाई गई। दुकान बंद रहने से राशनकार्डधारियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं हो पा रहा था।
आदेश में बताया गया है कि दुकान संचालक का यह कृत्य-
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंड़िका 5 (24), 11, 12 (3), 15, 16, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का उल्लंघन है। इसी आधार पर दुकान का संचालन तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए इसे ग्राम पंचायत परसतराई को सौंपने का निर्णय लिया गया है। पंचायत अब शासन के निर्देशानुसार हितग्राहियों को नियमित रूप से राशन वितरण करेगी। आदेश तत्काल प्रभावशील माना जाएगा।
एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह ने कहा कि धान खरीदी के कार्य को सारे विभाग समन्वय बनाकर कार्य करेंगे। कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस को सूचित करें। इस कार्य पर बाधा डालने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे है।
धान खरीदी में बाधा: चार कृषि विस्तार अधिकारियों पर FIR
धान खरीदी में रुकावट डालने वाले चार ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में FIR भी दर्ज कराई गई है। कलेक्टर की सख्त कार्रवाई के बाद जिले में धान खरीदी कार्य सामान्य रूप से जारी है।



