CG Liquor Scam : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित ₹3200 करोड़ के शराब घोटाले (CG Liquor Scam) में जेल में बंद मुख्य आरोपी अनवर ढेबर की जमानत अर्जी पर आज (17 नवंबर) विशेष न्यायालय में सुनवाई होगी। ईओडब्ल्यू के विशेष न्यायाधीश बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुनाएंगे।
जमानत अर्जी में क्या कहा गया है?
अनवर ढेबर की ओर से दाखिल जमानत आवेदन में कहा गया है कि वे ईओडब्ल्यू और ईडी—दोनों मामलों में लंबे समय से जेल में बंद हैं। उन्होंने जमानत मिलने पर जांच में पूर्ण सहयोग करने का भरोसा दिया है और नियमित जमानत या पैरोल प्रदान किए जाने की मांग की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि वे कोर्ट में पेशी के दौरान पैरोल अवधि में समय पर उपस्थित होते रहे हैं।
गौरतलब है कि अनवर ढेबर की जमानत अर्जी पहले रायपुर की विचारण अदालत और हाईकोर्ट से खारिज की जा चुकी है। यह दूसरी बार है जब उन्होंने विशेष न्यायाधीश की अदालत में जमानत के लिए आवेदन दिया है।
कोयला घोटाले का मामला: सौम्या चौरसिया के पूर्व निज सचिव जयचंद कोसले की रिमांड बढ़ी
कोयला घोटाले (CG Liquor Scam) से जुड़े एक अन्य बड़े घटनाक्रम में निलंबित राज्य सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया के पूर्व निज सचिव जयचंद कोसले की न्यायिक रिमांड बढ़ा दी गई है। अदालत में पेश किए जाने पर ईओडब्ल्यू ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, निज सहायक रहते हुए जयचंद कोसले ने ₹50 करोड़ से अधिक की अवैध वसूली में भूमिका निभाई है। उन्हें 22 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और पूछताछ के बाद जेल भेजा गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि सीएम हाउस में पदस्थ तत्कालीन सचिव सौम्या चौरसिया ने नगर निगम के एक छोटे कर्मचारी रहे जयचंद को अपना निज सहायक बना लिया था और उसे शासकीय वाहन भी उपलब्ध कराया गया था, जबकि वह इसके लिए पात्र नहीं था।
ईओडब्ल्यू ने कोर्ट को बताया कि कोयला घोटाले में मिली जानकारियों के आधार पर जांच तेज़ी से जारी है। अदालत ने जयचंद कोसले को अब 28 नवंबर तक न्यायिक रिमांड पर जेल में भेजने का आदेश दिया है।



