रायपुर। अखंड भारत के शिल्पकार और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर सूरजपुर में आज भव्य “यूनिटी मार्च” का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में आयोजित इस पदयात्रा में जनसैलाब उमड़ा और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम का गौरव बढ़ाया।
मंत्री राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है और इसी अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मनाना राष्ट्र के प्रति गर्व और कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने 565 रियासतों का सफलतापूर्वक एकीकरण कर अखंड भारत की नींव रखी। उनका जीवन त्याग, सेवा और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है और उनकी दूरदृष्टि सदैव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी।
इस विशाल रैली में हजारों नागरिक, छात्र-छात्राएं, गणमान्यजन और अधिकारी शामिल हुए। पूरे मार्ग में “भारत माता की जय”, “सरदार पटेल अमर रहें” और “वंदे मातरम्” के उद्घोषों से वातावरण देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के रंगों से सराबोर हो गया। पदयात्रा प्रातः 9 बजे माँ समलेश्वरी महामाया मंदिर, केनापारा से शुरू होकर तेलाईकछार, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल, व्हीएम नर्सिंग कॉलेज, अम्बेडकर चौक, शिवानंदपुर वार्ड क्रमांक 12 होते हुए बस स्टैंड विश्रामपुर में समाप्त हुई। लगभग 8 से 10 किलोमीटर लंबी इस रैली में लोगों का उत्साह और सहभागिता देखते ही बन रही थी।
कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज, प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी, पूर्व गृहमंत्री एवं छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने अपने संबोधन में सरदार पटेल की दूरदृष्टि, राष्ट्रनिर्माण में योगदान और राष्ट्रीय एकता के संदेश को रेखांकित किया।
यूनिटी मार्च के दौरान जयनगर आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। इसके अलावा रैली मार्ग में स्वच्छता जागरूकता हेतु श्रमदान भी किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की शपथ ली और स्वदेशी अपनाने का संकल्प लिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणी देवपाल सिंह पैकरा, रेडक्रॉस सोसायटी सूरजपुर के अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल, कलेक्टर एस. जयवर्धन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस आयोजन ने सूरजपुर में सरदार पटेल के आदर्शों और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



