बिलासपुर/तखतपुर। भागवत कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज की गिरफ्तारी के बाद न्यायालय परिसर में हुए हंगामे, गाली-गलौज और न्यायालयीन व्यवस्था में बाधा पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने दो अलग-अलग अपराध पंजीबद्ध किए हैं और आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सतनामी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप
मामला 12 नवंबर 2025 का है, जब तखतपुर थाना क्षेत्र में आयोजित भागवत कथा के दौरान कथावाचक आशुतोष चैतन्य ने कथित रूप से सतनामी समाज के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिकायत के आधार पर थाना तखतपुर में अपराध क्रमांक 645/25, धारा 353(2) BNS के तहत मामला दर्ज हुआ। बाद में लोक अभियोजक की राय के अनुसार SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएँ भी जोड़ी गईं।
कथावाचक की गिरफ्तारी के बाद न्यायालय परिसर में धक्का-मुक्की
विवेचना के बाद आरोपी को भागवत कथा समाप्त होने पर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान समाज की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व न्यायालय परिसर में अनुचित रूप से घुस गए और हंगामा, शोर-शराबा, गाली-गलौज करने लगे।
आरोप है कि इन लोगों ने
- माननीय न्यायालय पर दबाव बनाने का प्रयास
- पुलिस बल से धक्का-मुक्की
- न्यायालयीन कार्यवाही में बाधा
सहित कई अव्यवस्थाएँ उत्पन्न कीं, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हुआ।
पुलिस ने दर्ज किए दो अपराध
घटना को गंभीरता से लेते हुए थाना सिविल लाइन में
- अपराध क्रमांक 1360/25
- अपराध क्रमांक 1361/25
के तहत दो अलग-अलग मामले पंजीबद्ध किए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों की पहचान जारी है और उनके विरुद्ध कड़े कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में कोई भी न्यायालय की गरिमा और व्यवस्था को भंग करने का साहस न कर सके।



