रायपुर । पेसा अधिनियम 1996, वन संसाधन अधिकार अधिनियम 2006 और सामुदायिक वन प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में महानदी भवन में विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिवासी विकास विभाग के प्रतिनिधि सहित सामाजिक संस्थाओं के विषय–विशेषज्ञ उपस्थित थे। बैठक में वर्ष 2022 में बनाए गए पेसा नियमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
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ग्राम सीमाओं का पारंपरिक आधार पर निर्धारण आवश्यक – उपमुख्यमंत्री शर्मा
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के भीतर मौजूद छोटे ग्रामों को वित्तीय अधिकारों से सशक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि पेसा ग्रामों की सीमाएँ पारंपरिक आधार पर निर्धारित की जानी चाहिए तथा ग्राम पंचायतें आपसी सहमति से रूढ़िगत सीमांकन कर सकती हैं।
पेसा ग्रामों में विशेष जागरूकता अभियान
उन्होंने पेसा नियमों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। पेसा विकासखंडों और नियम-नेल्ला नार ग्रामों में 5–5 ग्रामों का चयन कर ग्रामीणों को उनके अधिकारों की जानकारी देने और अफवाहों से बचाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने समाजशास्त्र विभागों एवं विश्वविद्यालयों की सहायता से पेसा ग्रामों की परंपराओं, पद्धतियों और रीतियों का डॉक्यूमेंटेशन कराने पर भी जोर दिया।
पंचायत निधि और ग्राम सभा कोष के उपयोग के लिए बनेंगे नियम
शर्मा ने कहा कि पेसा ग्रामों में पंचायत निधि और ग्राम सभा कोष के उपयोग के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे। प्रत्येक पेसा ग्राम को अलग कार्यालय, बैंक खाता, कोष और लेटरहेड उपलब्ध कराया जाएगा। लघु वनोपजों के संग्रह, प्रसंस्करण और विपणन सहित ग्राम संसाधनों के प्रबंधन के अधिकार ग्राम सभाओं को प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पेसा ग्रामों में प्रतिवर्ष विक्रय किए गए भूखंडों का विश्लेषण किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
एफआरए और पेसा नियमों की विसंगतियाँ दूर की जाएँगी
बैठक में वनाधिकार अधिनियम और पेसा अधिनियम के बीच मौजूद विसंगतियों को दूर करने पर सहमति बनी। उपमुख्यमंत्री ने पंचायतों के निर्णयों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने के लिए केंद्र सरकार के ‘निर्णय ऐप’ व ‘सभागार ऐप’ का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति करेगी समन्वय
उन्होंने कहा कि पेसा से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा बनाए गए अलग–अलग नियमों के अभिशरण से उत्पन्न भ्रम को दूर करने के लिए राज्य स्तरीय कार्ययोजना समिति गठित की जाएगी। जिला स्तरीय पेसा निगरानी समितियों को भी सक्रिय कर कार्यशील बनाया जाएगा।
वनांचल विज्ञान केंद्र होंगे परिवर्तनकारी
बैठक में आसना स्थित वनांचल विज्ञान केंद्र को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पेसा ग्रामों में उत्पादित वनोपजों के आधुनिक प्रसंस्करण एवं विपणन तकनीकों की जानकारी देकर युवाओं को रोजगार से जोड़ना सरकार का लक्ष्य है।
100 पेसा ग्रामों में युवाओं का चयन
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बताई गई प्रायोगिक परियोजना के तहत 16 अनुसूचित जिलों के 100 पेसा ग्रामों में युवाओं का चयन किया गया है। ये युवा ग्रामीणों को पीएम आवास, पीएम किसान, आयुष्मान सहित शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने और आवश्यक दस्तावेज (आधार, राशन कार्ड, वोटर आईडी आदि) बनाने में सहयोग करेंगे।
इन युवाओं को नियमित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाना है। सुकमा, बीजापुर और अबूझमाड़ क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए ग्रामों को विकास तथा संरक्षण के लिए अधिक स्वायत्तता प्रदान की जाएगी।
इस बैठक में सचिव भीम सिंह, पीसीसीएफ व्ही. श्रीनिवास राव, संचालक पंचायत प्रियंका ऋचा महोबिया, अपर संचालक आदिम जाति कल्याण संजय गौर, संयुक्त संचालक पंचायत श्री दिनेश अग्रवाल तथा सामाजिक संस्थाओं के विशेषज्ञ उपस्थित थे।



