रायपुर/बिलासपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान पुलिस ग्राउंड में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में जिले को विकास की नई सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने 329 करोड़ 77 लाख रूपए से अधिक की लागत वाले 47 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 309 करोड़ 95 लाख रूपए की लागत से 42 कार्यों का शिलान्यास और 19 करोड़ 18 लाख रूपए की लागत से 5 कार्यों का लोकार्पण शामिल था।
मुख्यमंत्री साय ने कोनी में 11 करोड़ 91 लाख रूपए की लागत से निर्मित नवीन संभागीय आयुक्त कार्यालय का लोकार्पण किया। इसी क्रम में 11 लाख रूपए की लागत से राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। स्मार्ट सिटी योजना के तहत 6 करोड़ 99 लाख रूपए की लागत से वंदे मातरम उद्यान और ड्यूल पाइपिंग अंतर्गत एसटीपी निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 18 में 30 लाख 33 हजार रूपए की लागत से रिटर्निंग वॉल, इंटरलॉकिंग पोर्च, टाइल्स एवं चैनल लिंक फेंसिंग का कार्य, तथा महमंद में 50 लाख रूपए की लागत से प्राथमिक शाला लालखदान में अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री ने कोटा भैंसाझार में 4 करोड़ 43 लाख रूपए की लागत से प्रस्तावित भैंसाझार उद्वहन सिंचाई योजना और टिकरी एवं चिल्हाटी में 30-30 लाख रूपए की लागत से महतारी सदन निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया।
साथ ही, बिलासपुर जिले में सड़क, पुल-पुलिया और सिंचाई संरचनाओं के उन्नयन और निर्माण के कई बड़े परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। प्रमुख परियोजनाओं में सिरगिट्टी–सरवानी–पासीद–अमलडीहा–बरतोरी–दगोरी मार्ग का 69 करोड़ 79 लाख 94 हजार रूपए में उन्नयन, नेहरू चौक–दर्रीघाट मार्ग (32 करोड़ 9 लाख 15 हजार रूपए), कोनी–मोपका बायपास मार्ग (59 करोड़ 55 लाख 27 हजार रूपए), करमा–बरभांठा–सरगाढोड़ी मार्ग (4 करोड़ 78 लाख 86 हजार रूपए) और कई अन्य मार्गों का निर्माण एवं मजबूतीकरण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में पुल निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया, जिनमें शिवघाट बैराज से मंगला एसटीपी तक सड़क निर्माण, बगधर्रा–गौरखुरी, सरगोड़–कुरदर, झरना–बैगा मोहल्ला, बागथपरा मार्गों पर पुल निर्माण, पीएम जनमन योजना अंतर्गत आमागोहन–छपरापारा एवं कुम्हड़ाखोल में पुल निर्माण और खारंग, कोपरा, बहतराई, पेंडारी, लखराम, अकलतरी जलाशयों एवं नहरों के उन्नयन और मरम्मत कार्य शामिल हैं।
इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से बिलासपुर जिले में आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, सिंचाई सुविधा, शहरी विकास और शैक्षणिक ढांचे को मजबूत किया जाएगा। यह व्यापक विकास कार्य न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में बिलासपुर को आधुनिक, सक्षम और समृद्ध जिले के रूप में स्थापित करने की मजबूत नींव रखेंगे।



