Bihar Chunav Result : बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने कड़ा प्रतिरोध दर्ज किया है। झा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व गलत बयानबाजी के लिए बार-बार अपने नेताओं को आगे कर रहा है, जिसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ रहा है।
झा ने कहा, “बहुत पीड़ा की बात है कि गलती से भी कहीं जीत मिल जाए तो राहुल गांधी श्रेय लेने के लिए आगे आ जाते हैं, लेकिन इस बार भूपेश जी को ही मैदान में उतार दिया गया। यह निहायत ही अनुचित है। बघेल समर्थक भी दस जनपथ की इस रणनीति से नाराज हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि आधारहीन बयानों की वजह से जनता कांग्रेस से दूरी बना रही है। झा ने कहा, “बिना आधार के बयान देने से छत्तीसगढ़ में भी बिहार जैसी स्थिति बनेगी। जनता अब बे-सिर-पैर की बातों पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रही है। कांग्रेस को इससे बचना चाहिए।”
EVM और चुनाव प्रक्रिया पर कांग्रेस के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया
पंकज झा ने कांग्रेस द्वारा लंबे समय से ईवीएम पर लगाए जाने वाले आरोपों को ‘झूठा नैरेटिव’ करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कई राज्यों में जीत के बावजूद ईवीएम को संदेहास्पद बताकर चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता पर आघात किया है।
उन्होंने कहा,
“2018 में तीन राज्यों में जीत के बाद भी कांग्रेस अपनी जीत को स्वीकारने तैयार नहीं थी। अब कभी EVM, कभी संविधान खत्म होने और अब वोट चोरी जैसे शिगूफे गढ़े जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने हर आरोप का जवाब दिया है। सुप्रीम कोर्ट में भी आयोग ने 60 लाख से अधिक डेटा प्रस्तुत किया। कोर्ट ने हर प्रक्रिया की निगरानी की।”
झा ने दावा किया कि ईवीएम के खिलाफ दर्ज 40 मुकदमों में चुनाव आयोग पूरी तरह बेदाग निकला।
“अब नए शिगूफे बंद हों, जनता सब समझती है”— झा
मीडिया सलाहकार ने कहा कि कांग्रेस की लगातार बनी हुई आरोपबाजी जनता को पसंद नहीं आ रही और यही वजह है कि पार्टी को लगातार चुनावी नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा,
“जनता बार-बार नाराज हुई है। संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर संदेह जताना देशहित के खिलाफ है। अब तो यह बयान देशद्रोह जैसा है, जो भूपेश बघेल से दिलवाया जा रहा है।”
राहुल गांधी पर भी कटाक्ष
झा ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी हार की जिम्मेदारी राहुल गांधी को लेनी चाहिए। “सबसे पहले राहुल गांधी आगे आकर नैतिक जिम्मेदारी लें। उसके बाद ही अन्य नेताओं की भूमिका पर चर्चा हो सकती है,” उन्होंने कहा।



