कल्याण। रेलवे प्लेटफॉर्म पर फर्जी आरपीएफ ASI बनकर घूम रहे एक युवक को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने पकड़ लिया। आरोपी न सिर्फ वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह कर रहा था, बल्कि असली ASI से सेल्फी लेने और खुद को पुणे आरपीएफ में पोस्टेड बताने की झूठी कहानी भी सुना रहा था।
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घटना 12 नवंबर को कल्याण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2/3 की है। गश्त पर मौजूद ASI रमेशसिंह यादव को दोपहर करीब 1:30 बजे एक संदिग्ध युवक वर्दी में नजर आया। युवक ने उनसे सेल्फी लेने की इच्छा जताई। पूछताछ में उसने बताया कि वह “ऑस्टिन आरपीएफ, पुणे” में पदस्थ है और वंदे भारत ट्रेन में एस्कॉर्टिंग ड्यूटी पर है।
जब ASI यादव ने एस्कॉर्टिंग स्टाफ के बारे में पूछा तो युवक ने दावा किया कि वे सभी ब्रिज पर हैं, लेकिन वहां कोई मौजूद नहीं मिला। इस दौरान इंस्पेक्टर रणजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे और युवक पर शक और गहरा हो गया।
संदेह के आधार पर जब आरोपी को आरपीएफ थाना ले जाया जा रहा था, वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन आरक्षक मंगेश थेरे, रितेश त्रिपाठी और CIB आरक्षक नीलकंठ गोरे ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
थाने में पूछताछ पर आरोपी ने अपना नाम अविनाश राजाराम जाधव (25 वर्ष), निवासी इडा, भूम, उस्मानाबाद (महाराष्ट्र) बताया। ID कार्ड मांगने पर उसने स्वीकार कर लिया कि वह आरपीएफ कर्मचारी नहीं है।
मामले में उसके खिलाफ BNS की धारा 204, 205 और रेलवे एक्ट की धारा 147 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।



