रायपुर। राजधानी की सड़कों को सुंदर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक और बड़ा कदम उठाया है। घड़ी चौक से शंकर नगर चौक तक बने गौरवपथ की तर्ज पर अब बिजली ऑफिस चौक (बूढ़ापारा) से पचपेड़ी नाका तक नया गौरवपथ-2 तैयार किया जा रहा है। इसकी लंबाई करीब 2.3 किलोमीटर होगी।
यह भी पढ़े :- रायपुर में छह आदतन अपराधी तीन माह के लिए जिला बदर, कलेक्टर ने जारी किया आदेश
नगर निगम ने सड़क का सर्वे और डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर ली है। प्रस्ताव के अनुसार पूरी सड़क को एक समान 80 फीट चौड़ाई में विकसित किया जाएगा। फिलहाल यह सड़क कुछ हिस्सों में 65, 70 और 77 फीट चौड़ी है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान अवैध कब्जे हटाए जाएंगे, लेकिन केवल सरकारी भूमि का उपयोग किया जाएगा। निजी जमीनों पर अतिक्रमण नहीं होगा।
दिसंबर 2026 तक पूरा होगा गौरवपथ-2 प्रोजेक्ट
नगर निगम का लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक गौरवपथ-2 पूरी तरह तैयार हो जाए। इस सड़क के दोनों ओर पाथवे, हरियाली और आकर्षक लाइटिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके तैयार होने से न केवल शहर की सड़क व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि यह क्षेत्र राजधानी की एक नई पहचान बनेगा।
गौरवपथ-2 के लाभ
ट्रैफिक में राहत: सड़क चौड़ी होने से जाम की समस्या घटेगी और आवागमन सुचारू होगा।
ईंधन की बचत: कम जाम और बेहतर कनेक्टिविटी से वाहनों का समय और ईंधन दोनों बचेंगे।
आपातकालीन सेवाओं की पहुंच आसान: एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य सेवाओं की गति बढ़ेगी।
आर्थिक विकास को बढ़ावा: नई सड़क से व्यावसायिक गतिविधियां और रियल एस्टेट की वैल्यू बढ़ेगी।
शहर का सौंदर्यीकरण: पाथवे और हरियाली से सड़क का लुक और शहर की छवि दोनों निखरेंगे।
व्यावसायिक इलाके को मिलेगा फायदा
बिजली ऑफिस चौक से पचपेड़ी नाका तक का यह इलाका आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की गतिविधियों से जुड़ा है। विशेष रूप से सिद्धार्थ चौक से पचपेड़ी नाका तक बड़े-बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, नर्सिंग होम, प्रशासनिक कार्यालय और धार्मिक स्थल स्थित हैं। गौरवपथ-2 के निर्माण से इन परिसरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और संपत्तियों की कीमतों में भी इजाफा होगा।
महापौर का बयान
महापौर मीनल चौबे ने कहा — “गौरवपथ-2 सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि रायपुर की पहचान बनेगी। हमारी कोशिश है कि राजधानी की सभी प्रमुख सड़कों को सुंदर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जाए।”



