रायपुर। छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम (पापुनि) ने आगामी शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए छात्रों को समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय ने स्पष्ट कहा है कि कागज खरीदी, प्रिंटिंग और सप्लाई में किसी भी तरह की गड़बड़ी या देरी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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निगम द्वारा कागज खरीदी और प्रिंटिंग का टेंडर अगले दो दिनों में जारी किया जा रहा है। श्री पाण्डेय ने बताया कि इस बार भी निगम ही कागज खरीदेगा और चयनित प्रिंटरों के माध्यम से पुस्तकों का मुद्रण कराया जाएगा — ठीक वैसे ही जैसे गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, पांडुचेरी और असम में व्यवस्था लागू है।
दो कंपनियों पर 1.10 करोड़ की पेनाल्टी
इस वर्ष समय पर कागज सप्लाई न करने के कारण दो फर्मों पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
- ओरिएंट पेपर कंपनी पर ₹80 लाख,
- श्रेयांस पेपर मिल पर ₹30 लाख की पेनाल्टी लगाई गई है।
दोनों फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उन्हें 5 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। अब से देरी पर प्रति दिन 1% अतिरिक्त पेनाल्टी लागू की जाएगी।
बेहतर गुणवत्ता और पारदर्शिता
राजा पाण्डेय ने कहा कि आगामी सत्र में कागज की गुणवत्ता और मानकों में सुधार किया गया है। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी डिपो में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही अगले वर्ष 8 नए डिपो स्थापित करने की योजना है।
उन्होंने बताया कि एससीईआरटी को 15 दिसंबर तक कक्षावार विषयों की सीडी पापुनि को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मुद्रण प्रक्रिया समय से शुरू की जा सके। लक्ष्य है कि स्कूल खुलने से 10 दिन पहले ही किताबें स्कूलों और संकुलों तक पहुंच जाएं।
24 करोड़ की बचत
इस बार जैम पोर्टल के माध्यम से कागज की खरीदी करने से शासन को बड़ी बचत हुई है। पिछले सत्र में जहां कागज की दर ₹98 प्रति किलोग्राम थी, वहीं इस बार ₹78 प्रति किलोग्राम में खरीदी गई। लगभग 12 हजार मीटन कागज की खरीदी से करीब ₹24 करोड़ की बचत हुई है।
इस वर्ष 2.64 करोड़ किताबों का मुद्रण
यू-डाइस कोड के आधार पर छात्रों की संख्या के अनुसार इस वर्ष कुल 2.64 करोड़ पाठ्य पुस्तकें मुद्रित की गईं — जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 लाख कम हैं। इससे करीब ₹10 करोड़ की अतिरिक्त बचत हुई है।
राजा पाण्डेय ने कहा — “हमारा लक्ष्य है कि अगले सत्र में प्रदेश के हर बच्चे तक समय पर उच्च गुणवत्ता वाली पाठ्य पुस्तकें पहुंचें। प्रिंटिंग और सप्लाई में किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



