रायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल के निजी सहायक की नियुक्ति पर विवाद खड़ा हो गया है। मंत्री ने अपने निजी सहायक पद पर तबरेज़ आलम को संविदा आधार पर नियुक्त करने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने उसकी योग्यता पर आपत्ति जताते हुए नियुक्ति पर रोक लगा दी है।
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GAD ने उठाई योग्यता पर आपत्ति
विभाग द्वारा मंत्रालय को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि तबरेज़ आलम इस पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करते। नियमों के अनुसार, सचिवालय सेवा भर्ती नियम 2012 के तहत तृतीय श्रेणी पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास होना जरूरी है, जबकि तबरेज़ आलम केवल 8वीं पास पाए गए हैं।

संविदा नियुक्ति में भी योग्यता जरूरी
विभाग ने स्पष्ट किया कि निजी सहायक का पद संवेदनशील है, जिसमें सरकारी फाइलों, पत्राचार और गोपनीय दस्तावेजों का संचालन होता है, इसलिए संविदा पर भी योग्यता में छूट नहीं दी जा सकती।
मंत्री की अनुशंसा पर लगी प्रशासनिक रोक
मंत्री द्वारा 15 सितंबर को भेजे गए प्रस्ताव पर विभाग ने कहा कि “नियमों के विपरीत किसी भी व्यक्ति की नियुक्ति नहीं की जा सकती।” इस पर तत्काल प्रभाव से प्रस्ताव पर रोक लगा दी गई है और मंत्री को निर्णय से अवगत करा दिया गया है।
मंत्रालय में चर्चा तेज
सूत्रों के अनुसार, यह मामला मंत्रालय में चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर मंत्री अपने निजी स्टाफ की नियुक्ति में स्वतंत्र होते हैं, लेकिन इस बार नियमों की बाध्यता के चलते विभाग ने सख्ती बरती है। अब मंत्री को या तो नया प्रस्ताव भेजना होगा या योग्य उम्मीदवार का चयन करना होगा।



