नई दिल्ली। देश को दहलाने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में फरीदाबाद से करीब 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह नेटवर्क जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो डॉक्टर — डॉ. आदिल और डॉ. मुजम्मिल अहमद भी शामिल हैं।
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फतेहपुर तगा गांव से बरामद हुआ सबसे बड़ा विस्फोटक जखीरा
फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव में रविवार देर रात से चल रहे तलाशी अभियान के दौरान 2563 किलो संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इससे पहले धौज इलाके से 360 किलो विस्फोटक मिला था। जांच में सामने आया है कि यह घर डॉ. मुजम्मिल ने एक मौलाना से किराए पर लिया था, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
आईईडी बनाने का पूरा सिस्टम और हथियार मिले
पुलिस के अनुसार, AK-56 और AK क्रिंकॉव राइफल, दो पिस्टल (चीनी स्टार और बेरेटा), बड़ी संख्या में गोलियां और IED बनाने का पूरा सिस्टम बरामद किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नेटवर्क किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी में था। बरामद सामग्री को सुरक्षा घेरे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
हरियाणा के DGP ने बताया बड़ा आतंकी मॉड्यूल
हरियाणा के डीजीपी ओ.पी. सिंह ने कहा कि “यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस के समन्वय का परिणाम है। समय रहते इस बड़े आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया गया।” उन्होंने बताया कि बरामदगी बेहद अहम है और जांच जारी है कि इस नेटवर्क के और किन राज्यों से संबंध थे।
कश्मीर से लेकर गुजरात तक फैला नेटवर्क
जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में इस नेटवर्क के तार गुजरात और उत्तर प्रदेश तक पहुंचे हैं। पुलिस ने गुजरात के कुछ शहरों और यूपी के सहारनपुर जिले में छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि गुजरात से फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट के प्रमाण मिले हैं। कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रेल की जांच की जा रही है।
विदेशी कनेक्शन की जांच, यूके में बैठा हैंडलर सक्रिय
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि यह गिरोह यूके में बैठे आतंकी हैंडलर मुजम्मिल अयूब के इशारे पर काम कर रहा था। वह पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के लिए फंडिंग और हथियारों की आपूर्ति करता था। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में उसके पुश्तैनी रिश्ते बताए जा रहे हैं।
एन्क्रिप्टेड चैनलों से चलता था पूरा नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आतंकी गिरोह एन्क्रिप्टेड चैनलों और सोशल नेटवर्क्स के जरिए इंडोक्रिनेशन, फंड ट्रांसफर और हथियारों की सप्लाई करता था। अब जांच एजेंसियां मनी ट्रेल और डिजिटल कम्युनिकेशन की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
10 बड़ी बातें एक नज़र में
- फरीदाबाद से अब तक करीब 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद।
- दो डॉक्टर गिरफ्तार — डॉ. आदिल और डॉ. मुजम्मिल अहमद।
- AK-56, पिस्टल, गोलियां और IED सिस्टम बरामद।
- जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से जुड़ा नेटवर्क।
- यूके में बैठा हैंडलर मुजम्मिल अयूब ऑपरेट कर रहा था गिरोह।
- नेटवर्क के तार गुजरात और यूपी तक फैले।
- महिला डॉक्टर से पूछताछ जारी।
- मौलाना हिरासत में, किराए के घर से बरामद विस्फोटक।
- एन्क्रिप्टेड चैनलों से आतंकियों की बातचीत और फंडिंग।
- कई राज्यों में संयुक्त छापेमारी, जांच जारी।



