रायपुर। सोशल मीडिया में प्रसारित उन खबरों को लोक निर्माण विभाग ने पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक बताया है, जिनमें यह दावा किया गया था कि उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के परिवार के निजी कार्यक्रम का खर्च विभाग द्वारा उठाया गया।
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लोक निर्माण विभाग के बेमेतरा संभाग के कार्यपालन अभियंता डी.के. चंदेल ने स्पष्ट किया कि विभाग ने उप मुख्यमंत्री या उनके परिवार के किसी भी निजी कार्यक्रम का भुगतान नहीं किया है।
चंदेल ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई जानकारी में विभाग ने केवल शासकीय कार्यक्रमों से संबंधित भुगतान का विवरण दिया है। इनमें किसी भी निजी आयोजन से जुड़ा कोई बिल या व्हाउचर शामिल नहीं है।
उन्होंने बताया कि विभाग ने अब्दुल वाहिद रवानी को 28 अगस्त 2025 को जो जानकारी दी थी, उसमें मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों के सरकारी कार्यक्रमों में लगाए गए टेंट-पंडाल आदि की व्यवस्था से संबंधित भुगतान का विवरण था।
इन कार्यक्रमों में शामिल हैं —
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19 से 21 दिसंबर 2024 तक नवागढ़ में मुख्यमंत्री के तीन दिवसीय कार्यक्रम (₹1.76 करोड़),
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25 जनवरी 2024 को जूनी सरोवर में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम (₹71 लाख),
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4 जुलाई 2024 को अंधियारखोर में मंत्री का कार्यक्रम (₹17.99 लाख),
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24 फरवरी 2024 को विकसित भारत कार्यक्रम (₹11.88 लाख),
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14 जनवरी 2025 को संबलपुर में मंत्री का कार्यक्रम (₹10.11 लाख),
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तथा अन्य सरकारी आयोजन जैसे गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, राज्योत्सव और जनजाति गौरव दिवस आदि।
कुल मिलाकर इन 12 शासकीय कार्यक्रमों के लिए किए गए भुगतान का ही उल्लेख विभागीय रिकॉर्ड में है।
डी.के. चंदेल ने कहा कि 9 अगस्त 2024 के कथित निजी कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया में प्रसारित खबरें पूरी तरह गलत हैं। विभाग का ऐसे किसी भी बिल या भुगतान से कोई संबंध नहीं है।
विभाग ने यह भी कहा कि सभी शासकीय भुगतानों का पूरा रिकॉर्ड—माप पुस्तिका, देयक की प्रतियां, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी—कार्यालय में सुरक्षित है।
अंत में विभाग ने चेतावनी दी कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।



