सुकमा/रायपुर। जिले के सिमली पंचायत अंतर्गत मिलमपल्ली (थाना जगरगुंडा, तहसील कोंटा) में 3 नवंबर 2025 की शाम लगभग 4 बजे कथित नक्सलियों ने एक चर्च और उसके पास बने घरों में आगजनी की तथा वहाँ मौजूद लोगों के साथ मारपीट की — पीड़ितों के आरोपों के अनुसार घटना में ग्रामवासी देवा माडवी और मडकामी संतोष सहित कई लोग घायल हुए हैं।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि नक्सली मुचाकी देवा (उर्फ कैलाश), झिथरू और संदीप के नेतृत्व में करीब 200 लोगों की भीड़ ने गांव में घुसकर हिंसा की और आग लगा दी। पीड़ितों ने बताया कि घटना से पहले कुछ लोगों ने उन्हें चर्च न जाने की धमकी दी थी।
रायपुर प्रेस क्लब में पीड़ितों ने क्या कहा
रायपुर प्रेस क्लब में मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित देवा माडवी और मडकामी संतोष ने बताया कि गांव के कुछ लोगों — मडकामी सन्ना, मडकामी बोदा, कवासी देवा और कवासी इरमा — ने पिछले कई दिनों से ईसाई धर्मावलंबियों को चर्च नहीं आने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि वे धर्मांतरण जैसी कोई गतिविधि नहीं कर रहे थे, केवल बाइबिल पढ़ते और भजन करते थे। पीड़ितों ने बताया, “हम पिछले 25 सालों से शांति से यहाँ रहते आ रहे हैं, हमें किसी तरह की परेशानी नहीं थी।”
पीड़ितों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में भी विवाद उठाया गया था, पर गांव वालों ने उन्हें गांव से बाहर निकालने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद कुछ झुग्गियाँ और घरों में मारपीट की गई तथा आग लगाई गयी। पीड़ितों ने धमकी मिलने का भी दावा किया है — कहा गया कि यदि पुलिस को घटना के बारे में बताया गया तो जान से मार डालेंगे।
प्रशासन और पुलिस की स्थिति
स्थानीय पुलिस/प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। घटना से जुड़े दावों की सत्यता और नुकसान का आकलन करने के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों तथा पुलिस द्वारा जांच की जा सकती है — लेकिन अभी तक किसी गिरफ्तारी या नेटवर्क के बारे में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
विश्लेषण और परिप्रेक्ष्य
वहीं, इस प्रकार की घटनाएँ सामाजिक तनातनी और स्थानीय विवादों से जुड़ी पुरानी समस्याओं की ओर संकेत करती हैं। पीड़ितों ने रायपुर में मीडिया के समक्ष अपना दुख साझा कर सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है।



