बिलासपुर। कोरबा-बिलासपुर मेमू ट्रेन हादसे में बड़ा मोड़ आया है। पुलिस ने अब ट्रेन ड्राइवर के खिलाफ गैरइरादतन हत्या (IPC की धारा 304A) का मामला दर्ज किया है। हालांकि एफआईआर में नाम नहीं लिखा गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार मृत लोको पायलट विद्या सागर को इस दुर्घटना का जिम्मेदार माना जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे में विद्या सागर सहित 11 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हैं। घायल सहायक लोको पायलट रश्मि राज की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
तेज रफ्तार और सिग्नल की गलती बनी मौत की वजह
रेलवे की पांच सदस्यीय प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, गतौरा से मेमू ट्रेन 76 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रही थी, जबकि मालगाड़ी 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। हादसे के वक्त ट्रैक पर कर्व (घुमाव) था और आशंका है कि लोको पायलट ने गलती से दूसरी लाइन का सिग्नल देखकर ट्रेन बढ़ा दी। सामने मालगाड़ी दिखी तो ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रेलवे की तकनीकी भाषा में इस गलती को कहा जाता है — “सिग्नल पास्ड एट डेंजर (SPAD)”, यानी ट्रेन ने लाल सिग्नल को पार कर दिया।
एक महीने पहले ही प्रमोशन, अनुभव की कमी से बढ़ा खतरा
जांच रिपोर्ट के अनुसार लोको पायलट विद्या सागर को सिर्फ एक महीने पहले ही मालगाड़ी से पैसेंजर ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। अनुभव की कमी और सिग्नल जजमेंट में दिक्कत को हादसे के अहम कारणों में शामिल किया गया है।
नई सिग्नलिंग सिस्टम से बढ़ा भ्रम
जहां हादसा हुआ, उस रूट पर पहले सिर्फ दो लाइनें और चार सिग्नल थे, अब चार लाइनें और 16 सिग्नल लगा दिए गए हैं। इससे लोको पायलटों में लगातार भ्रम की स्थिति बन रही थी। एलारसा (लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन) ने पहले ही रेल प्रबंधन को लिखित रूप से आगाह किया था कि सिग्नल की स्थिति को सीधे लोको कैब में डिजिटल डिस्प्ले से दिखाया जाए, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सीआरएस की जांच शुरू, 19 अफसरों को तलब
दक्षिण पूर्वी सर्किल के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) बीके मिश्रा बुधवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने 140 से 200 मीटर के दायरे में ट्रैक और कोचों की बारीकी से जांच की। अब CRS ने एसईसीआर के 19 अधिकारियों और कर्मचारियों को गुरुवार सुबह डीआरएम कार्यालय में दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है।
पुलिस का बयान
तोरवा थाना प्रभारी अभय सिंह बैस ने बताया स्टेशन अधीक्षक (वाणिज्य) के मेमो पर चालक के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। चालक की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए जांच के बाद ही पूरे तथ्य साफ होंगे।



