नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर बुधवार की सुबह नवा रायपुर का आसमान गर्जना से गूंज उठा, जब भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम ने अपने हैरतअंगेज करतबों से पूरे प्रदेश को रोमांचित कर दिया। सेंध तालाब के ऊपर हुए इस एयर शो ने राज्योत्सव के जश्न को एक नया ऊंचाई दी — जहां नौ हॉक एमके-132 फाइटर जेट्स ने एक साथ उड़ान भरते हुए आसमान में ‘तिरंगा, हार्ट इन द स्काई’ और ‘एरोहेड फॉर्मेशन’ जैसे अद्भुत नज़ारे बनाए।

इस ऐतिहासिक पल का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी ने किया, जबकि टीम के सदस्य स्क्वॉड्रन लीडर गौरव पटेल — जो खुद छत्तीसगढ़ के गौरव हैं — ने बताया कि अपने राज्य की धरती पर उड़ान भरना उनके जीवन का सबसे खास अनुभव रहा। शो की कमेंट्री की जिम्मेदारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने शानदार अंदाज में निभाई, जिन्होंने हर करतब की बारीकी से जानकारी दी और दर्शकों को बांधे रखा।

शो शुरू होने से पहले ही नवा रायपुर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। तेलीबांधा से सेंध लेक तक करीब 5 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। आम जनता से लेकर वीआईपी वाहन तक जाम में फंसे रहे। एयरपोर्ट से सत्य साई हॉस्पिटल तक वाहनों की रफ्तार रेंगती रही।
सुरक्षा और प्रदर्शन की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सुबह 10:40 से 12 बजे तक रायपुर एयरपोर्ट को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया। इन दो घंटों में न किसी विमान ने उड़ान भरी, न लैंडिंग हुई — पूरा रनवे केवल भारतीय वायुसेना के शौर्य को समर्पित रहा।
इन दो घंटों के दौरान दिल्ली की दो, लखनऊ, भुवनेश्वर और हैदराबाद की एक-एक फ्लाइट के समय में बदलाव किया गया। सभी फ्लाइटों को दोपहर 12 बजे के बाद लैंडिंग और टेकऑफ की अनुमति दी गई।



