रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में फंसे पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट ने सनसनीखेज कदम उठाया! कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को फटकार लगाते हुए तुरंत नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। यह मामला अब और उलझता नजर आ रहा है, जहां 2,500 करोड़ रुपये के मेगा घोटाले की आग में पूरा बघेल परिवार झुलस रहा है!
आज की सुनवाई में हाईकोर्ट ने ED से सवालों की बौछार की, जिससे जांच एजेंसी की मुश्किलें बढ़ गईं। अगली तारीख 18 नवंबर तय की गई है – क्या चैतन्य को राहत मिलेगी या जेल की सलाखें और मजबूत होंगी?
सुप्रीम कोर्ट में भी ED की फजीहत! इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने घोटाले के इस ड्रामे में नया ट्विस्ट ला दिया। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉय माल्य बागची की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर ED को 10 दिनों में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का कड़ा आदेश दिया। 31 अक्टूबर की इस सुनवाई में चैतन्य की तरफ से दिग्गज वकील कपिल सिब्बल और एन. हरिहरन ने जोरदार पैरवी की, जबकि ED की ओर से ASG एस.वी. राजू मैदान में उतरे। कोर्ट रूम में तीखी बहस ने साफ कर दिया – यह केस अब राष्ट्रीय स्तर का स्कैंडल बन चुका है!
जन्मदिन पर गिरफ्तारी का शॉकिंग ट्विस्ट! ED ने चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई स्थित आलीशान घर से PMLA एक्ट के तहत धर दबोचा था। जांच की जड़ें IPC की कई धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ACB/EOW रायपुर की FIR में हैं। शुरुआती खुलासे चौंकाने वाले हैं – प्रदेश के खजाने को हजारों करोड़ का चूना लगाया गया, और 2,500 करोड़ की काली कमाई सीधे घोटालेबाजों की जेबों में पहुंची!



